वॉशिंगटन। भारतीय अर्थशास्त्री और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की महत्वपूर्ण टास्क फोर्स में शामिल किया गया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक नीति ढांचे और अपनी कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए गठित विभिन्न समूहों में राजन समेत तीन भारतीय मूल के विशेषज्ञों को जिम्मेदारी दी है।
फेडरल रिजर्व की ओर से गठित इन टास्क फोर्स का उद्देश्य मौद्रिक नीति संचालन, आर्थिक आंकड़ों के उपयोग, महंगाई के आकलन, बैलेंस शीट प्रबंधन और तकनीक व रोजगार पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा करना है। इन समूहों की सिफारिशें अमेरिकी केंद्रीय बैंक की भविष्य की नीतियों को दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
रघुराम राजन को बैलेंस शीट पॉलिसी टास्क फोर्स में शामिल किया गया है। इस समूह का काम फेडरल रिजर्व की परिसंपत्तियों, बॉन्ड होल्डिंग और बैलेंस शीट प्रबंधन से जुड़े मुद्दों का अध्ययन करना होगा। राजन के साथ इस पैनल में अन्य प्रमुख अर्थशास्त्री भी शामिल हैं।
इसके अलावा भारतीय मूल के अर्थशास्त्री राज चेट्टी को डेटा संबंधी टास्क फोर्स में और माइक्रोसॉफ्ट की अधिकारी आशा शर्मा को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), उत्पादकता और रोजगार से जुड़े समूह में शामिल किया गया है। इन नियुक्तियों को वैश्विक स्तर पर भारतीय मूल के विशेषज्ञों की बढ़ती भूमिका के रूप में देखा जा रहा है।
रघुराम राजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाने-माने अर्थशास्त्री हैं। वह आरबीआई गवर्नर रहने के अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के मुख्य अर्थशास्त्री भी रह चुके हैं। वित्तीय क्षेत्र, बैंकिंग सुधार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर उनके शोध को व्यापक पहचान मिली है।
फेडरल रिजर्व के इस कदम को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं महंगाई, ब्याज दरों, डिजिटल बदलाव और वित्तीय स्थिरता जैसी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। टास्क फोर्स की रिपोर्टों के आधार पर अमेरिकी केंद्रीय बैंक अपनी नीतिगत प्रक्रियाओं में संभावित बदलावों पर विचार कर सकता है।




