नई दिल्ली/वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के कुख्यात अपराधी गिरोह “ट्रेन दे अरागुआ” के प्रमुख नीनो गुएरेरो को एक घातक सैन्य एयरस्ट्राइक में मार गिराया है। यह कार्रवाई अमेरिकी दक्षिणी कमान (U.S. Southern Command) द्वारा अंजाम दी गई और इसे “टारगेटेड स्ट्राइक” बताया गया है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह ऑपरेशन “दुनिया के सबसे हिंसक और खतरनाक आतंकवादी संगठनों में से एक” के खिलाफ किया गया। उनके अनुसार यह हमला उनके निर्देश पर हुआ और इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
अमेरिकी रक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई हाल के दिनों में की गई, जिसमें खुफिया जानकारी और तकनीकी सहायता का उपयोग किया गया। वेनेजुएला सरकार के साथ समन्वय के दावे भी सामने आए हैं, हालांकि आधिकारिक स्तर पर इस पर स्पष्ट प्रतिक्रिया सीमित है।
नीनो गुएरेरो को लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े और हिंसक अपराधी नेटवर्क “ट्रेन दे अरागुआ” का शीर्ष नेता माना जाता था। यह गिरोह ड्रग तस्करी, मानव तस्करी, अपहरण और संगठित अपराध जैसी गतिविधियों के लिए कुख्यात रहा है और कई देशों में इसकी मौजूदगी बताई जाती है।
अमेरिका ने पहले ही इस संगठन को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है और इसके नेताओं पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। गुएरेरो के खिलाफ अमेरिका में रैकेटियरिंग और आतंकवाद से जुड़े आरोप भी थे तथा उसकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया गया था।
इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा और कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई अमेरिका की लैटिन अमेरिका में आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ आक्रामक नीति को दर्शाती है।





