नई दिल्ली। UPI को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी ने राजनीतिक विवाद को हवा दे दी है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के छोटे दुकानदार और रेहड़ी-पटरी वाले भी डिजिटल भुगतान की उपयोगिता को उनसे बेहतर समझते हैं।
भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि गोलगप्पे और सब्जी बेचने वाले कारोबारी तक आज UPI के जरिए आसानी से भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। पार्टी के मुताबिक, डिजिटल पेमेंट ने छोटे कारोबारियों और आम लोगों के लिए लेनदेन को सरल और तेज बनाया है।
भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस देश में डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल और इसके जमीनी असर को समझने में नाकाम रहे हैं। पार्टी ने कहा कि UPI अब सिर्फ बड़े कारोबारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे दुकानदारों से लेकर आम उपभोक्ताओं तक इसकी पहुंच हो चुकी है।
भाजपा के इस बयान के बाद UPI को लेकर कांग्रेस और सत्तारूढ़ दल के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। भाजपा ने राहुल गांधी की टिप्पणी को डिजिटल अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति से जोड़ते हुए कांग्रेस की सोच पर सवाल उठाया।
पार्टी का कहना है कि UPI ने देश में भुगतान व्यवस्था को बदलने में अहम भूमिका निभाई है और छोटे व्यापारियों के लिए नकद लेनदेन के विकल्प के रूप में इसे व्यापक स्वीकार्यता मिली है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब डिजिटल भुगतान भारत की अर्थव्यवस्था और रोजमर्रा के लेनदेन का अहम हिस्सा बन चुका है। भाजपा ने इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है।





