Top 5 This Week

Related Posts

RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस का परचम, अभिजीत वंजारी ने भाजपा को 3,271 वोटों से हराया

नागपुर। महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस ने नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट जीतकर भाजपा को बड़ा झटका दिया है। कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अभिजीत वंजारी ने भाजपा उम्मीदवार और पूर्व विधायक सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों से हराकर अपनी सीट बरकरार रखी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मुख्यालय नागपुर में होने और इसे भाजपा का मजबूत गढ़ माने जाने के कारण इस जीत को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। 

40 घंटे से अधिक चली मतगणना

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना मंगलवार सुबह शुरू हुई और गुरुवार तड़के पूरी हुई। कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी को कुल 67,231 वोट मिले, जबकि भाजपा के सुधाकर कोहाले को 63,960 मत प्राप्त हुए। इस तरह वंजारी ने 3,271 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।

मतगणना के शुरुआती चरणों में भाजपा उम्मीदवार आगे चल रहे थे। दूसरी प्राथमिकता के मतों की गिनती के दौरान मुकाबले का रुख बदला और अंततः कांग्रेस उम्मीदवार विजयी घोषित हुए। 

फडणवीस और गडकरी के गृह क्षेत्र में भाजपा को झटका

नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह क्षेत्र है। दोनों नेताओं ने भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहाले के समर्थन में प्रचार किया था। इसके बावजूद कांग्रेस की जीत भाजपा के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।

नागपुर स्नातक सीट का प्रतिनिधित्व नितिन गडकरी भी लंबे समय तक कर चुके हैं। ऐसे में इस निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस की लगातार दूसरी जीत ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। 

महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी को तीन सीटें

महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव में विपक्षी महाविकास आघाड़ी (एमवीए) ने तीन सीटों पर जीत हासिल की, जबकि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को दो सीटें मिलीं।

पुणे स्नातक सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की हर्षदा देशमुख-जाधव और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर डॉ. प्रतापसिंह पाटिल ने जीत दर्ज की। वहीं, पुणे शिक्षक सीट भाजपा के कौस्तुभ गावड़े और अमरावती शिक्षक सीट शिवसेना के किरण सरनाईक के खाते में गई। 

 

नागपुर में जीत के बाद कांग्रेस को महाराष्ट्र में राजनीतिक बढ़त मिली है। वहीं, भाजपा के लिए यह परिणाम अपने मजबूत माने जाने वाले क्षेत्र में संगठनात्मक प्रदर्शन की समीक्षा का संकेत माना जा रहा है।

Popular Articles