नई दिल्ली। नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर संसद में सियासी टकराव तेज हो गया है। लोकसभा में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार को घेरा, जबकि सरकार ने आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
लोकसभा में किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक मामले पर विस्तृत चर्चा चाहती है और विपक्ष को इसके लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह चर्चा से बचने के लिए शर्तें रख रहा है। रिजिजू ने कहा कि सरकार किसी भी समय और तय प्रक्रिया के तहत इस विषय पर बहस के लिए तैयार है।
वहीं, विपक्ष ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा। मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मामले पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। विपक्ष की मांग है कि पहले जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो और इसके बाद संसद में चर्चा की जाए।
नीट पेपर लीक का मामला संसद के मानसून सत्र में लगातार हंगामे का कारण बना हुआ है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की है, जबकि सरकार का कहना है कि सदन की तय प्रक्रियाओं के तहत बहस कराई जा सकती है। गतिरोध के कारण संसद की कार्यवाही भी प्रभावित हुई है।
सरकार की ओर से कहा गया है कि परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने भी नीट मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
इस बीच, नीट विवाद को लेकर छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों का विरोध जारी है। संसद में जारी बहस से साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा सरकार और विपक्ष के बीच बड़े राजनीतिक टकराव का केंद्र बना रहेगा।





