नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के चलते कई मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद किए जाने से आम यात्रियों, वकीलों और अदालत आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि यदि दोपहर तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सर्वोच्च न्यायालय स्वयं हस्तक्षेप करेगा।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि मेट्रो स्टेशन बंद होने के कारण अधिवक्ता, वादकारी और न्यायालय का स्टाफ समय पर अदालत नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायिक कार्य प्रभावित होना गंभीर विषय है और यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो अदालत आवश्यक कदम उठाएगी।
उधर, छात्र संगठनों के प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने राजधानी के कई मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। हालांकि प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर सीमित सेवाएं जारी रखी गईं, ताकि यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह बाधित न हो।
मेट्रो स्टेशनों के बंद होने से कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ी या वैकल्पिक परिवहन का सहारा लेना पड़ा। कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति सामान्य होते ही बंद किए गए मेट्रो स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। वहीं, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद संबंधित एजेंसियों पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया है।





