नई दिल्ली / वॉशिंगटन: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने अपने बहुचर्चित मंगल मिशन MAVEN (Mars Atmosphere and Volatile Evolution) को आधिकारिक रूप से समाप्त घोषित कर दिया है। यह निर्णय उस घटना के बाद लिया गया, जब दिसंबर 2025 में अंतरिक्ष यान से अचानक संपर्क टूट गया और लंबे प्रयासों के बावजूद उसे पुनः सक्रिय नहीं किया जा सका।
MAVEN को वर्ष 2013 में लॉन्च किया गया था और यह 2014 में मंगल की कक्षा में प्रवेश कर गया था। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य मंगल ग्रह के वायुमंडल, उसकी संरचना और सौर हवा के प्रभाव का अध्ययन करना था। यह मिशन अपने निर्धारित एक साल के बजाय 11 वर्षों से अधिक समय तक सक्रिय रहा और इस दौरान इसने मंगल ग्रह के बारे में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारियां जुटाईं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 6 दिसंबर 2025 को MAVEN से अंतिम बार संपर्क हुआ था, जब यह मंगल के पीछे से गुजर रहा था। इसके बाद अंतरिक्ष यान से कोई संकेत प्राप्त नहीं हुआ। शुरुआती जांच में संकेत मिला कि यान में अचानक अनियंत्रित घूर्णन (स्पिन) हुआ, जिससे उसकी ऊर्जा प्रणाली प्रभावित हुई और संचार पूरी तरह बंद हो गया।
NASA की जांच टीम ने इसे “unrecoverable state” यानी पूरी तरह से अनुपयोगी स्थिति घोषित किया है। हालांकि यान अभी भी मंगल की कक्षा में मौजूद है, लेकिन इसके फिर से सक्रिय होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।
MAVEN मिशन ने मंगल ग्रह के वातावरण के क्षरण, सौर हवा के प्रभाव और ग्रह के विकास को समझने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा यह मिशन मंगल रोवरों जैसे Curiosity और Perseverance के लिए संचार रिले का कार्य भी करता था।
NASA अधिकारियों ने इस मिशन के अंत को भावनात्मक रूप से “एक महत्वपूर्ण साथी की विदाई” जैसा बताया है और कहा है कि इसके द्वारा जुटाया गया डेटा आने वाले वर्षों तक शोध में उपयोगी रहेगा।
मुख्य बिंदु:
- NASA ने MAVEN मंगल मिशन को आधिकारिक रूप से समाप्त किया
- दिसंबर 2025 में अंतरिक्ष यान से संपर्क टूट गया था
- 11 वर्षों तक मंगल के वायुमंडल का अध्ययन किया गया
- अनियंत्रित स्पिन और पावर फेलियर को संभावित कारण माना गया
- मिशन से मिले डेटा का उपयोग आगे भी शोध में जारी रहेगा





