रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता की जांच कर रही सीआइडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले के प्रमुख आरोपित अभय तिवारी की पत्नी और भाई को गिरफ्तार किया है। दोनों से परीक्षा में कथित गड़बड़ी और सरकारी नौकरी हासिल करने से जुड़े संभावित लाभ के संबंध में पूछताछ की जा रही है। अभय तिवारी पहले से न्यायिक हिरासत में है।
सीआइडी की जांच में अभय तिवारी की भूमिका अहम मानी जा रही है। जांच एजेंसी के अनुसार, वह टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) में मार्केटिंग मैनेजर और अधिकृत प्रतिनिधि के तौर पर काम कर चुका है। इसी दौरान उसके कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने का रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आया है। सीआइडी यह पता लगाने में जुटी है कि उसके परिवार के सदस्यों की सरकारी नौकरियों में चयन प्रक्रिया कहीं कथित परीक्षा नेटवर्क से तो जुड़ी नहीं थी।
जांच का दायरा अब TDPL से जुड़ी परीक्षाओं तक भी बढ़ गया है। एजेंसी परीक्षा रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और मामले से जुड़े अधिकारियों व निजी व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। TDPL के जरिए आयोजित परीक्षाओं और उनके परिणामों को लेकर भी सवाल उठे हैं।
इस मामले को लेकर झारखंड में छात्रों का आंदोलन भी लंबे समय से जारी था। अभ्यर्थियों ने कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए परीक्षाएं रद्द करने तथा मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की थी। इसके बाद राज्य सरकार ने TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं और उसके प्रकाशित परिणामों को रद्द करने का फैसला लिया तथा वर्ष 2014 से आयोजित ऐसी परीक्षाओं की सीआइडी जांच के आदेश दिए।
अभय तिवारी की पत्नी और भाई की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी उनके परीक्षा रिकॉर्ड, नियुक्तियों और अन्य आरोपितों से संभावित संबंधों की भी पड़ताल करेगी। सीआइडी यह स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है कि संबंधित चयन सामान्य प्रक्रिया के तहत हुए या कथित परीक्षा घोटाले के नेटवर्क से उनका कोई संबंध था। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।





