देहरादून | भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून ने आज इतिहास के पन्नों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। 13 जून 2026 को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में पहली बार नौ महिला सैन्य अधिकारियों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कदम रखा। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं और परेड की सलामी ली।
इस समारोह में कुल 515 जेंटलमैन कैडेट्स ने प्रशिक्षण पूर्ण कर भारतीय सेना के विभिन्न अंगों में कमीशन प्राप्त किया, जिनमें नौ महिला अधिकारी भी शामिल रहीं। यह उपलब्धि भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
पासिंग आउट परेड के दौरान कड़े अनुशासन, आकर्षक ड्रिल और सैन्य परंपराओं की झलक देखने को मिली। कैडेट्स ने शानदार मार्च पास्ट करते हुए अपने समर्पण, साहस और प्रशिक्षण की उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया। इस दौरान विदेशी मित्र देशों के कैडेट्स की भागीदारी ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में नव-नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह युवा अधिकारी देश की सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं, जो अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने महिला अधिकारियों की ऐतिहासिक भागीदारी को देश की बदलती सैन्य परंपराओं का प्रतीक बताया।
IMA में महिला अधिकारियों की यह पहली ऐतिहासिक एंट्री न केवल संस्थान के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक क्षण माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारतीय सेना में लैंगिक समानता और समावेशिता की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन है।
यह ऐतिहासिक परेड न केवल सैन्य परंपराओं की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि नए भारत की बदलती तस्वीर भी पेश करती है, जहां महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।





