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H-1B वीजा धोखाधड़ी पर अमेरिका में सख्ती, 2.5 लाख डॉलर तक जुर्माने और 10 साल के प्रतिबंध का प्रस्ताव

वाशिंगटन। अमेरिका में H-1B वीजा कार्यक्रम में कथित धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई और सख्त करने की तैयारी है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में H-1B Visa Fraud Crackdown Act नाम से एक विधेयक पेश किया गया है। इसमें गंभीर उल्लंघनों के लिए जुर्माने में भारी बढ़ोतरी और दोषी नियोक्ताओं पर लंबी अवधि तक प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है।

टेक्सास की रिपब्लिकन सांसद बेथ वैन ड्यूइन ने 1 अक्टूबर को यह विधेयक पेश किया। प्रस्ताव को प्रतिनिधि सभा की न्यायपालिका समिति के पास भेजा गया है। हालांकि, यह अभी कानून नहीं बना है। इसे कानून बनने के लिए प्रतिनिधि सभा और सीनेट से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी भी जरूरी होगी।

2.5 लाख डॉलर तक जुर्माना

प्रस्ताव के अनुसार गंभीर H-1B उल्लंघन के एक वर्ग में जुर्माने को मौजूदा 35 हजार डॉलर से बढ़ाकर 2.5 लाख डॉलर करने की बात कही गई है। साथ ही ऐसे उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं को कम से कम 10 साल तक संबंधित इमिग्रेशन कार्यक्रमों में भाग लेने से प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव है।

दूसरे स्तर के उल्लंघनों में जुर्माना 5 हजार डॉलर से बढ़ाकर 1 लाख डॉलर करने और प्रतिबंध की न्यूनतम अवधि दो साल से बढ़ाकर पांच साल करने का प्रस्ताव है।

दस्तावेजी धोखाधड़ी पर भी बढ़ेगा जुर्माना

विधेयक में इमिग्रेशन से जुड़े दस्तावेजों में धोखाधड़ी के लिए भी कड़े प्रावधान प्रस्तावित हैं। एक श्रेणी में जुर्माना 250-2,000 डॉलर से बढ़ाकर 1,000-10,000 डॉलर और गंभीर मामलों में 2,000-5,000 डॉलर से बढ़ाकर 20,000-50,000 डॉलर करने की बात कही गई है।

अमेरिकी प्रशासन पहले से ही H-1B कार्यक्रम के दुरुपयोग को रोकने के लिए निगरानी और जांच बढ़ा रहा है। नए विधेयक से संकेत मिलता है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं पर भविष्य में आर्थिक और प्रशासनिक कार्रवाई और कड़ी हो सकती है।

फिलहाल भारतीय पेशेवरों और कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि यह प्रस्तावित विधेयक है, लागू कानून नहीं। इसलिए प्रस्ताव में दी गई नई सजा और जुर्माने अभी प्रभावी नहीं हुए हैं।

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