नई दिल्ली: अमेरिकी विमानन नियामक फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के सुरक्षा निर्देश के बाद एयर इंडिया ने अपने बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों में डोर असिस्ट हैंडल से जुड़े आवश्यक तकनीकी संशोधन शुरू कर दिए हैं। एयरलाइन का कहना है कि यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है और इससे मौजूदा उड़ान संचालन या यात्रियों की सुरक्षा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार, FAA ने हाल ही में कुछ बोइंग 787-8, 787-9 और 787-10 विमानों के लिए एयरवर्थिनेस डायरेक्टिव जारी किया था। प्री-फ्लाइट जांच के दौरान कुछ विमानों में डोर असिस्ट हैंडल अपने सपोर्ट ब्रैकेट से ढीले होने की शिकायतें मिली थीं। नियामक ने चेतावनी दी थी कि ऐसी स्थिति में विमान का दरवाजा खोलते समय यात्रियों, चालक दल या रखरखाव कर्मियों को चोट लग सकती है और आपातकालीन निकासी भी प्रभावित हो सकती है।
एयर इंडिया के बेड़े में फिलहाल 35 बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान हैं, जिनमें 26 बोइंग 787-8 और 9 बोइंग 787-9 शामिल हैं। एयरलाइन ने बताया कि FAA के निर्देशों के अनुरूप प्रभावित विमानों में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं और कुछ पुराने विमानों में यह कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। हालांकि, कितने विमानों में संशोधन आवश्यक है, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
FAA के निर्देशों के तहत प्रभावित विमानों में सपोर्ट ब्रैकेट पर नया रिटेनर लगाने, आवश्यक स्थानों पर चेतावनी पट्टिका (प्लेकार्ड) लगाने तथा डोर असिस्ट हैंडल का निरीक्षण करने जैसे तकनीकी उपाय शामिल हैं। इन सुधारों का उद्देश्य संभावित जोखिम को पूरी तरह समाप्त करना और आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करना है।
एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि यह एक एहतियाती और नियामकीय अनुपालन की प्रक्रिया है। एयरलाइन के अनुसार, मौजूदा उड़ानों की सुरक्षा पर कोई खतरा नहीं है और सभी संशोधन तय मानकों के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे।





