ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश के गृह मंत्री मामा नातुंग ने राज्य के ऊपरी सुबनसिरी जिले के तक्सिंग सेक्टर में चीनी घुसपैठ की खबरों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाह बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य के किसी भी हिस्से में चीनी सेना (पीएलए) ने अतिक्रमण नहीं किया है और भारतीय सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी से सीमा की रक्षा कर रहे हैं।
कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में नातुंग ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी अतिक्रमण की सभी खबरें निराधार हैं। उन्होंने कहा, “हमारे जवान 24 घंटे सीमा की सुरक्षा में तैनात हैं। कोई भी चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुसपैठ करने का साहस नहीं कर सकता।”
गृह मंत्री का यह बयान उस समय आया है जब ‘नाह वेलफेयर सोसायटी’ (NWS) ने दावा किया था कि पिछले कुछ वर्षों में तक्सिंग क्षेत्र के निकट चीनी सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं और चीन ने सीमा के पास अपने ढांचे का विस्तार किया है। संगठन ने इस संबंध में राज्य और केंद्र सरकार के समक्ष ज्ञापन भी सौंपा था। इन दावों के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की खबरें वायरल होने लगी थीं।
नातुंग ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग भारतीय सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और देश की सुरक्षा के लिए हर समय तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के नागरिकों और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर तालमेल है, इसलिए सीमा की सुरक्षा को लेकर किसी तरह की चिंता की आवश्यकता नहीं है।
गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश में लगभग 1,129 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) है। चीन अरुणाचल प्रदेश को तथाकथित “दक्षिण तिब्बत” का हिस्सा बताता रहा है, जबकि भारत लगातार यह स्पष्ट करता आया है कि अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न और अविभाज्य अंग है। हालिया विवाद के बीच राज्य सरकार ने दोहराया है कि सीमा पूरी तरह सुरक्षित है और घुसपैठ संबंधी दावों में कोई सच्चाई नहीं है।





