नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) CJI ने हाल ही में पूर्व न्यायाधीश को प्राप्त हो रही धमकियों के गंभीर मामले को लेकर United Kingdom में भारतीय उच्चायुक्त से चर्चा की है। न्यायपालिका की सुरक्षा और स्वतंत्रता को बनाए रखने के महत्व को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर उच्चस्तरीय बातचीत हुई।
सूत्रों के अनुसार, CJI ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसी भी पूर्व या वर्तमान न्यायाधीश को धमकियां मिलना न्यायपालिका के सुचारू कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि भारत सरकार और संबंधित मिशन इस तरह की घटनाओं की गंभीरता को समझते हुए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए।
भारतीय उच्चायुक्त ने CJI को आश्वस्त किया कि United Kingdom में भारतीय समुदाय और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दोनों पक्षों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
विशेषज्ञों का कहना है कि न्यायपालिका की सुरक्षा केवल देश के भीतर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक संवेदनशील मुद्दा है। यह कदम भारत के उच्च न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट संदेश देता है कि किसी भी तरह की धमकियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में भी गंभीर प्रतिक्रिया सामने आई है। अधिकारियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
पूर्व न्यायाधीश को प्राप्त धमकियों के पीछे की स्थिति की जांच जारी है, और भारत सरकार ने UK में भारतीय मिशन के माध्यम से मामले की निगरानी और सहयोग को सुनिश्चित किया है।
इस वार्ता से स्पष्ट हुआ कि भारत की न्यायपालिका और विदेश मंत्रालय मिलकर अपने अधिकारियों और न्यायाधिकारियों की सुरक्षा के लिए सतर्क और सक्रिय हैं।





