नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। दिल्ली पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों के पहुंचने की खबर है। संभावित भीड़ को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा व्यवस्था
दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की है। पुलिस के अनुसार, नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के हजारों जवानों को तैनात किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था के तहत 35 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
प्रदर्शनकारियों की क्या हैं मांगें?
CJP और प्रदर्शन में शामिल होने वाले संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी उठाई गई है।
प्रदर्शनकारी चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित 2023 के कानून को रद्द करने की मांग भी कर रहे हैं। इन मुद्दों को लेकर संगठन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
मेट्रो और रेल सेवाओं पर असर की आशंका
प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में यातायात और सार्वजनिक परिवहन को लेकर भी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। कुछ मेट्रो स्टेशनों और रेल सेवाओं पर प्रतिबंधों की खबर सामने आई है। इससे यात्रियों को परेशानी होने की आशंका है। लोगों को यात्रा से पहले संबंधित विभागों की आधिकारिक जानकारी देखने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की
दिल्ली पुलिस का कहना है कि राजधानी में शांति बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना प्राथमिकता है। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के कारण पुलिस नियमों के अनुसार कार्रवाई कर सकती है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।





