नई दिल्ली। नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल हुए कई वैश्विक नेताओं की तबीयत बिगड़ने संबंधी सोशल मीडिया पर वायरल दावों को विदेश मंत्रालय (MEA) ने खारिज कर दिया है। मंत्रालय की फैक्ट चेक इकाई ने इन पोस्ट को भ्रामक बताते हुए लोगों को सोशल मीडिया पर ऐसे दावों से सावधान रहने की अपील की है।
MEA की फैक्ट चेक इकाई ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट जारी कर कहा कि इस तरह के दावों से सावधान रहने की जरूरत है। मंत्रालय ने वायरल पोस्ट को ‘फेक अलर्ट’ बताते हुए इन्हें दुर्भावनापूर्ण सोशल मीडिया पोस्ट करार दिया।
शी चिनफिंग और रामफोसा को लेकर किए गए दावे
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टों में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा समेत BRICS सम्मेलन में शामिल नेताओं की सेहत को लेकर अलग-अलग दावे किए गए थे। कुछ पोस्टों में शी चिनफिंग के सम्मेलन के दौरान बेहोश होने और गंभीर बीमारी से जुड़े दावे किए गए। इन दावों की चीनी अधिकारियों या विश्वसनीय समाचार माध्यमों से पुष्टि नहीं हुई है।
इन अफवाहों के बीच दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा की तबीयत से जुड़ी एक वास्तविक आधिकारिक जानकारी सामने आई थी। दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया कि भारत से लौटने के बाद रामफोसा ने खराब स्वास्थ्य के कारण सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाई और डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी। हालांकि, राष्ट्रपति कार्यालय ने उनकी बीमारी की प्रकृति के बारे में जानकारी नहीं दी।
12 और 13 सितंबर को हुआ था BRICS सम्मेलन
नई दिल्ली में 18वां BRICS शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को आयोजित किया गया था। भारत की मेजबानी में हुए सम्मेलन में विस्तारित BRICS समूह के नेताओं और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के बाद नई दिल्ली घोषणा भी जारी की गई।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी फैक्ट चेक के बाद अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे नेताओं की सामूहिक रूप से तबीयत खराब होने संबंधी दावों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि वाली पोस्टों पर भरोसा या उन्हें आगे साझा करने से बचें।





