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BLO ऐप में ‘VIP’ मतदाताओं को चिह्नित करने पर विवाद, चुनाव आयोग ने दी सफाई

नई दिल्ली। चुनाव आयोग के बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के लिए इस्तेमाल होने वाले मोबाइल ऐप में ‘VIP मतदाताओं’ को चिह्नित करने से जुड़े अपडेट पर उठे सवालों के बीच आयोग के अधिकारियों ने सफाई दी है। आयोग के अनुसार प्रमुख मतदाताओं को चिह्नित करना कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से चुनावी पुनरीक्षण की प्रक्रिया का हिस्सा रहा है।

विवाद उस समय सामने आया जब Apple App Store पर BLO ऐप के एक अपडेट के विवरण में “mark VIP elector related changes” लिखा दिखाई दिया। इसके बाद सवाल उठने लगे कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाताओं की अलग श्रेणी क्यों बनाई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार यह फीचर जुलाई में ऐप में जोड़ा गया था।

आयोग के अधिकारियों ने बताया कि आधिकारिक चुनावी दस्तावेजों में ‘VIP’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि ‘marked’ या प्रमुख मतदाताओं का उल्लेख होता है। इनमें सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, संवैधानिक या घोषित पदों पर बैठे लोग तथा कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल, न्यायपालिका और लोक सेवाओं से जुड़े प्रमुख लोग शामिल हो सकते हैं।

अधिकारियों के मुताबिक ऐसी पहचान की व्यवस्था SIR से पहले भी लागू रही है। उदाहरण के तौर पर 29 मई 2023 के एक चुनावी पुनरीक्षण आदेश में प्रमुख मतदाताओं को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए थे। बिहार में 2025 के SIR संबंधी आदेशों में भी इसका उल्लेख किया गया था।

चुनाव आयोग की ओर से यह भी बताया गया कि ऐप का उद्देश्य ऐसे चिह्नित मतदाताओं से संबंधित नोटिस या दस्तावेजों को समय पर डिजिटल रूप से दर्ज करना है। आयोग के अनुसार ऐप स्टोर के विवरण में ‘VIP’ शब्द का इस्तेमाल आधिकारिक शब्दावली नहीं है।

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब दिल्ली समेत कई राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है। प्रमुख हस्तियों को नोटिस जारी होने के बाद भी चुनाव आयोग पहले स्पष्ट कर चुका है कि नोटिस का अर्थ मतदाता सूची से नाम हटना नहीं है और दस्तावेजों की जांच के बाद प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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