वाशिंगटन। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से हो रहे विकास के बीच इसकी रफ्तार को लेकर बहस तेज हो गई है। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने भी इस बहस में अपनी राय रखते हुए कहा है कि AI के विकास की गति इतनी होनी चाहिए कि उसके साथ जरूरी सुरक्षा तंत्र भी विकसित किए जा सकें और तकनीक मानवीय नियंत्रण में बनी रहे।
नडेला ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर AI और सुपरइंटेलिजेंस के विकास को लेकर अपनी बात रखी। उनका कहना है कि किसी भी उन्नत AI को विकसित करने की बुनियादी कसौटी यह होनी चाहिए कि वह मानवता के लिए उपयोगी हो और मानव नियंत्रण के दायरे में रहे।
उन्होंने AI सिस्टम की निगरानी और सुरक्षा के लिए एम्बेडेड इवैल्यूएटर्स जैसे उपायों के विचार का भी समर्थन किया। ऐसे सिस्टम AI के कामकाज का मूल्यांकन करने और सुरक्षा मानकों को लागू करने में मदद कर सकते हैं।
AI की रफ्तार धीमी करने की क्यों उठी मांग?
AI की विकास गति को लेकर चर्चा उस समय तेज हुई जब एंथ्रोपिक के प्रमुख डारियो अमोदेई ने AI क्षमताओं में सुधार की रफ्तार को नियंत्रित करने की जरूरत बताई। उन्होंने AI लैब्स में स्वतंत्र थर्ड-पार्टी विशेषज्ञों द्वारा सुरक्षा मूल्यांकन की व्यवस्था का सुझाव भी दिया।
ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने अमोदेई के विचार से सहमति जताई, जबकि एलन मस्क ने भी इस रुख का समर्थन किया। अब सत्य नडेला के बयान से AI सुरक्षा और जिम्मेदार विकास की बहस को और बल मिला है।
कुछ कंपनियों तक सीमित न रहे AI
नडेला ने AI पर नियंत्रण को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि AI का विकास और उसका नियंत्रण केवल कुछ चुनिंदा संस्थाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार AI इकोसिस्टम में विभिन्न देशों, उद्योगों और शिक्षाविदों की भागीदारी होनी चाहिए।
उन्होंने क्लोज्ड और ओपन-सोर्स दोनों तरह के AI मॉडल के विकास की जरूरत पर जोर दिया। उनका मानना है कि कंपनियों और उपयोगकर्ताओं को AI के लिए कुछ गिने-चुने प्रदाताओं पर पूरी तरह निर्भर नहीं होना चाहिए।
नडेला ने यह भी बताया कि माइक्रोसॉफ्ट अपने फर्स्ट-पार्टी AI मॉडल के लिए एक कोड ऑफ कंडक्ट तैयार कर रहा है, जिसे सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी करने की योजना है।
AI के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच नडेला का रुख इस बात पर जोर देता है कि तकनीकी प्रगति के साथ सुरक्षा, निगरानी और मानवीय नियंत्रण को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।





