ऑपरेशन प्रहार में पुलिस का बड़ा वार, चेकिंग में दबोचा गया युवक; 12 बोर का अवैध तमंचा भी बरामद
हल्द्वानी। शहर के रामलीला मैदान में भीड़ के बीच एक युवक तमंचा और 17 जिंदा कारतूस लेकर घूम रहा था। पुलिस की चेकिंग ने जैसे ही उसे रोका और तलाशी ली, उसके कब्जे से 12 बोर का अवैध तमंचा निकल आया। इसके बाद जब कारतूसों की गिनती हुई तो पुलिस भी सकते में आ गई। युवक के पास एक-दो नहीं, बल्कि 17 जिंदा कारतूस थे। इनमें 12 बोर के 13 और 32 बोर के चार कारतूस शामिल हैं। हथियारों का यह जखीरा बरामद होते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
भीड़ के बीच हथियार, चेकिंग में खुला राज
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत कोतवाली पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ शिकंजा कस रखा है। प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता के नेतृत्व में मंगल पड़ाव चौकी पुलिस रामलीला मैदान में संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक युवक को रोककर तलाशी ली। तलाशी शुरू होते ही उसके कब्जे से अवैध तमंचा बरामद हुआ। इसके बाद कारतूस बरामद होने का सिलसिला शुरू हुआ तो पुलिस के सामने 17 जिंदा कारतूस आ गए।
एक तमंचा, दो बोर के 17 कारतूस
पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से 12 बोर का एक अवैध तमंचा, 12 बोर के 13 जिंदा कारतूस और 32 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। यानी आरोपी के पास कुल 17 जिंदा कारतूस थे। पुलिस ने आरोपी की पहचान पंकज बेलवाल पुत्र स्व. त्रिलोक बेलवाल, निवासी लछमपुर चौराहा, गोलापार, थाना काठगोदाम, नैनीताल के रूप में की है।
तमंचा किसलिए? कारतूस कहां से आए?
इतनी संख्या में कारतूस लेकर युवक रामलीला मैदान तक कैसे पहुंचा और उसके पास हथियार रखने की वजह क्या थी, पुलिस अब इन सवालों के जवाब तलाश रही है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ कोतवाली हल्द्वानी में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
पुलिस टीम
कार्रवाई में उपनिरीक्षक दीपक सिंह कार्की, चौकी प्रभारी मंगल पड़ाव, हेड कांस्टेबल इसरार नवी, कांस्टेबल धीरज कुमार और कांस्टेबल दिनेश नगरकोटी शामिल रहे।




