काठगोदाम की 23 और हल्द्वानी की नौ बसें निरस्त, छह सूत्रीय मांगों पर कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ मोर्चा; वेतन न मिलने से नाराज कर्मचारी आर-पार के मूड में
हल्द्वानी। त्योहार के दिनों में घर पहुंचने की तैयारी कर रहे यात्रियों को रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल ने बीच रास्ते में मुश्किल में डाल दिया है। बस अड्डों पर इंतजार लंबा होता जा रहा है और बसों की कमी से यात्रियों की परेशानी बढ़ रही है। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन का आंदोलन दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। प्रदेशभर में 60 प्रतिशत से अधिक बस संचालन प्रभावित होने से परिवहन व्यवस्था लड़खड़ा गई। काठगोदाम डिपो की 23 और हल्द्वानी की नौ बसें निरस्त करनी पड़ीं। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी हुए बिना आंदोलन थमने वाला नहीं है।
सुबह छह बजे से डिपो में मोर्चाबंदी
उत्तराखंड परिवहन निगम के देहरादून, टनकपुर और नैनीताल रीजन के डिपो में सुबह छह बजे से कर्मचारी धरने पर बैठ गए। काठगोदाम, हल्द्वानी, काशीपुर, रुद्रपुर, भवाली और रामनगर में आंदोलन का व्यापक असर रहा। कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना आक्रोश जताया और अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार जारी रखने का ऐलान किया।
दिल्ली से जयपुर तक बसों का पहिया थमा
नैनीताल परिक्षेत्र से मथुरा, दिल्ली, बरेली, हरिद्वार, टनकपुर, हिसार, मुजफ्फरनगर, देघाट, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पटियाला, अयोध्या, मसूरी, आगरा, मेरठ, जयपुर, देहरादून और लखनऊ समेत कई रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित हुईं। लंबी दूरी के यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।
दो महीने का वेतन नहीं, परिवार चलाना मुश्किल
कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने परिवार का खर्च चलाने तक का संकट खड़ा हो गया है। इसके बावजूद निगम प्रबंधन समस्याओं का समाधान नहीं कर रहा है। कर्मचारियों ने प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई।
छह मांगें, आंदोलन की जड़
यूनियन समान कार्य-समान वेतन, नियमितीकरण, समय पर वेतन, पुराने देयकों का भुगतान, बस बेड़े में बढ़ोतरी और विशेष श्रेणी के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग कर रही है।
दूसरे संगठनों ने भी खोला समर्थन का मोर्चा
आंदोलन को एससी-एसटी श्रमिक संघ और रोडवेज इंप्लाइज यूनियन ने भी समर्थन दिया है। काठगोदाम डिपो में प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै, प्रदेश उपाध्यक्ष दयाल जोशी, ललित प्रसाद, आनंद सिंह बिष्ट, मनोज भट्ट, हरीश रावत, कैलाश कांडपाल और संदीप बिष्ट समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी धरने पर बैठे। इंप्लाइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश वर्मा सहित अजय शर्मा, नवीन लोहनी, राजवीर सिंह, मुकेश बुधानी, ममता बिष्ट, शाहवेज हसन और सरफराज खान समेत अन्य कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया।
परिवहन मंत्री से वार्ता पर टिकी निगाहें
आंदोलन के बीच परिवहन मंत्री के साथ वार्ता प्रस्तावित है। अब देखना होगा कि वार्ता से कर्मचारियों की मांगों का कोई रास्ता निकलता है या यात्रियों को बसों की किल्लत का सामना अभी और करना पड़ेगा।





