देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज करने की रणनीति बनाई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी अगले महीने पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में जनसभा को संबोधित करेंगे, जबकि कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पौड़ी जिले में जनसभा करेंगी। दोनों कार्यक्रमों की तारीख एक नवंबर को दिल्ली में होने वाली बैठक में तय की जाएगी।
सीमांत क्षेत्र में राहुल गांधी की सभा
राहुल गांधी की धारचूला में प्रस्तावित जनसभा को सीमांत क्षेत्र के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस इस कार्यक्रम के जरिए सीमावर्ती इलाकों की समस्याओं और स्थानीय जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी कर रही है।
वहीं, प्रियंका गांधी की पौड़ी में होने वाली सभा के माध्यम से पार्टी पहाड़ की समस्याओं और गढ़वाल क्षेत्र से जुड़े सवालों को जनता के बीच ले जाने की कोशिश करेगी।
बेरोजगारी और पलायन होंगे प्रमुख मुद्दे
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, दोनों जनसभाओं में अंकिता भंडारी हत्याकांड, बेरोजगारी, पलायन, भूमि संबंधी मुद्दे और मूल निवास जैसे विषय उठाए जा सकते हैं। पार्टी इन मुद्दों के माध्यम से राज्य सरकार को घेरने और जनता के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की तैयारी में है।
उत्तराखंड में रोजगार की कमी, पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन और स्थानीय लोगों के भूमि अधिकार लंबे समय से राजनीतिक बहस के प्रमुख विषय रहे हैं। कांग्रेस इन्हें अपने अभियान का अहम हिस्सा बनाने की योजना बना रही है।
एक नवंबर को तय होगा कार्यक्रम
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि दोनों नेताओं की जनसभाओं की तिथियों पर एक नवंबर को दिल्ली में राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ होने वाली बैठक में निर्णय लिया जाएगा। संभावना है कि दिवाली के बाद दोनों नेता उत्तराखंड पहुंचेंगे।
इन जनसभाओं को प्रदेश में कांग्रेस के आगामी चुनावी अभियान की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि राष्ट्रीय नेताओं की सभाओं के जरिए संगठन में नई ऊर्जा आए और स्थानीय मुद्दों पर जनता के बीच संवाद बढ़े।
आने वाले दिनों में इन कार्यक्रमों की तारीख और तैयारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।





