कहीं मेहंदी में रच रहा पिया का नाम, कहीं चूड़ियों की खनक तो कहीं गहनों पर दिल हार रहीं सुहागिनें; महंगे करवे भी नहीं तोड़ पाए पर्व का उत्साह
कोई मेहंदी वाला महिला का फोटो लगा देना सलीम खान हल्द्वानी। हाथों में मेहंदी, कलाई में चूड़ियां, माथे पर बिंदिया और दिल में पिया की लंबी उम्र की दुआ… चेहरे पर सजने की खुशी और आंखों में चांद के दीदार का इंतजार! करवा चौथ को लेकर हल्द्वानी का सदर बाजार इन दिनों सुहागिनों के रंग में रंगा नजर आ रहा है। बाजार में कहीं मेहंदी रचवाने के लिए महिलाओं की कतारें हैं तो कहीं चूड़ियों और गहनों की दुकानों पर खरीदारी का जोर। हर तरफ एक ही धुन है—‘सजना है मुझे सजना के लिए…’
करवा चौथ का नाम आते ही सुहागिनों के शृंगार और पति की लंबी उम्र की कामना की तस्वीर आंखों के सामने उभर आती है। इसी परंपरा को निभाने के लिए महिलाएं व्रत की तैयारियों में जुटी हैं। कोई सोलह शृंगार का सामान जुटा रही है तो कोई अपनी पसंद की चूड़ियां, बिंदी और आभूषण तलाश रही है। सदर बाजार में जगह-जगह सजे मेहंदी स्टॉल पर्व की रौनक में चार चांद लगा रहे हैं। हाथों पर मेहंदी रचवाने के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है।
मेहंदी से गहनों तक, हर दुकान पर रौनक
करवा चौथ की खरीदारी का असर सोने-चांदी की दुकानों पर भी दिखाई देने लगा है। महिलाएं आभूषणों के डिजाइन देख रही हैं और पर्व के लिए पसंदीदा गहने खरीद रही हैं। बाजार की चहल-पहल से कारोबारियों के चेहरे भी खिले हुए हैं।
महंगाई की मार, फिर भी बरकरार त्योहार का प्यार
इस बार करवे महंगे होने से महिलाओं को खरीदारी में जेब का हिसाब भी लगाना पड़ रहा है, लेकिन सुहाग के इस पर्व को लेकर उत्साह में कमी नजर नहीं आ रही। आखिर यह सिर्फ सजने-संवरने का दिन नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और साथ निभाने के संकल्प का त्योहार है।
चांद निकलेगा, छलनी उठेगी और दुआओं में होगा सजना का नाम। इसी उम्मीद के साथ सुहागिनें करवा चौथ की तैयारियों में जुटी हैं। बाजार की रौनक और मेहंदी की महक बता रही है कि पर्व का असली रंग दुकानों की चमक में ही नहीं, बल्कि उन भावनाओं में है, जो हर सुहागिन के दिल में अपने जीवनसाथी के लिए बसती हैं।




