बुद्ध पार्क में पहाड़ी आर्मी की सांकेतिक सरकार ने वीआईपी जांच और लिव-इन कानून में बदलाव का प्रस्ताव भी पास किया
हल्द्वानी। उत्तराखंड की राजधानी, अंकिता भंडारी हत्याकांड और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों पर बुद्ध पार्क में पहाड़ी आर्मी की जनता कैबिनेट ने सियासी हलचल तेज कर दी। संस्थापक अध्यक्ष हरीश रावत की अगुवाई में हुई सांकेतिक कैबिनेट बैठक में तीन अहम प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने, अंकिता हत्याकांड में चर्चित वीआईपी की भूमिका की जांच और यूसीसी में संशोधन कर लिव-इन रिलेशनशिप की मान्यता समाप्त करने की मांग शामिल है।
गैरसैंण बने स्थायी राजधानी: जनता कैबिनेट ने गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया। सांकेतिक मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसे मंजूरी के लिए विधानसभा अध्यक्ष के पास भेजने की बात कही।
अंकिता मामले में वीआईपी की जांच: कैबिनेट ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में लंबे समय से चर्चा में रहे वीआईपी की भूमिका की जांच कराने का प्रस्ताव पारित किया।
यूसीसी में संशोधन की मांग: बैठक में समान नागरिक संहिता में बदलाव कर लिव-इन रिलेशनशिप को मिली कानूनी मान्यता समाप्त करने का प्रस्ताव भी पास किया गया।
पहाड़ी आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष और सांकेतिक मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि जनता कैबिनेट के फैसले पहाड़ की जनता की भावनाओं को दर्शाते हैं। उन्होंने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने को उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़ा मुद्दा बताया।
सांकेतिक मंत्रिमंडल में इन्हें मिली जिम्मेदारी
जनता कैबिनेट में हरीश रावत मुख्यमंत्री, कार्तिक उपाध्याय वित्त मंत्री, राजेंद्र कांडपाल शहरी विकास मंत्री, संतोष नेगी परिवहन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री, भुवन पांडेय वन एवं भाषा मंत्री, युवराज सिंह चिराल शिक्षा मंत्री, मोहन कांडपाल अल्पसंख्यक, उच्च शिक्षा एवं समाज कल्याण मंत्री, कुसुमलता बौड़ाई महिला कल्याण एवं खेल मंत्री, आनंद कन्याल पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री, तारा दत्त पांडेय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री, भुवन जोशी पर्यटन मंत्री और नारायण बिष्ट पंचायती मंत्री की भूमिका में रहे। पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी ने मुख्य सचिव की भूमिका निभाई।
बैठक में पहाड़ी आर्मी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ राज्य आंदोलनकारी गोपाल दत्त कुमेड़ी, नीमा भट्ट, अंजू पांडे, कमलेश खंडूरी, प्रदीप रौतेला, रेखा बिष्ट, संजय बिष्ट, मोहन चंद्र पाटनी और राजेंद्र प्रसाद जोशी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।





