अहमदाबाद। कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती सेंट्रल जेल में हाई-सिक्योरिटी वाले विशेष ब्लॉक ‘दो सौ खोली’ में स्थानांतरित किया गया है। इस ब्लॉक में आतंकवाद और गंभीर आपराधिक मामलों के आरोपित तथा दोषी करीब 200 कैदी रखे जाते हैं। इनमें वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल बम धमाकों के मामले में दोषी ठहराए गए कैदी भी शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस स्थानांतरण का उद्देश्य जेल में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और सख्त करना है।
चार हिस्सों में बंटा है विशेष ब्लॉक
रिपोर्टों के मुताबिक, हाई-सिक्योरिटी ब्लॉक को चार अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। प्रत्येक हिस्से में लगभग 50 कैदियों को रखा जाता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य कैदियों की आवाजाही सीमित करना और उनके बीच संपर्क को नियंत्रित करना है।
बिश्नोई की कोठरी का आकार करीब 7.5 गुणा 11 फीट बताया गया है। यहां कैदियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है। इससे पहले बिश्नोई को जेल के ‘दस खोली’ नामक उच्च सुरक्षा वाले हिस्से में रखा गया था।
2023 से साबरमती जेल में बंद है बिश्नोई
लॉरेंस बिश्नोई को 10 मई 2023 को साबरमती सेंट्रल जेल लाया गया था। तब से वह गुजरात की इसी जेल में बंद है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रतिबंधात्मक आदेश के कारण उसे जेल परिसर से बाहर ले जाने पर रोक है। इस व्यवस्था के तहत अन्य राज्यों की पुलिस और जांच एजेंसियों को उससे पूछताछ करने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और आवश्यक अनुमति लेनी पड़ती है।
उसकी अदालत में पेशी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जाती है।
गैंग की गतिविधियों पर निगरानी
जेल में बंद होने के बावजूद बिश्नोई के गिरोह की गतिविधियां जांच एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। हालिया रिपोर्टों में गिरोह के अन्य सदस्यों के विदेश से नेटवर्क संचालित करने की बात कही गई है। हालांकि, जेल के नए ब्लॉक में स्थानांतरण के पीछे का आधिकारिक कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था में इस बदलाव को गंभीर अपराधों के आरोपित कैदियों की निगरानी और उनके आपसी संपर्क को सीमित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।





