गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में मंगलवार से दो दिवसीय विधानसभा सत्र शुरू हो गया। चुनावी वर्ष में धामी सरकार के इस अंतिम सत्र में सात हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार सदन में आठ विधेयक भी प्रस्तुत करेगी। वहीं, कांग्रेस ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई, कानून व्यवस्था और अंकिता भंडारी हत्याकांड समेत विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है।
पहले दिन दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि
सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। पहले दिन पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट सहित दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी जानी है। इसके बाद भोजनावकाश के बाद सरकार अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखेगी। पहले दिन प्रश्नकाल नहीं रखा गया है।
सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल होगा। इसके साथ ही अनुपूरक बजट और अन्य विधेयकों पर चर्चा के बाद उन्हें पारित कराने की कार्यवाही प्रस्तावित है। विधानसभा सचिवालय को विधायकों की ओर से कुल 445 सवाल मिले हैं।
आठ विधेयक भी होंगे पेश
दो दिवसीय सत्र के दौरान सरकार आठ विधेयक सदन में पेश करेगी। इनमें समान नागरिक संहिता से संबंधित संशोधन, उत्तराखंड जनविश्वास अधिनियम में संशोधन और माल एवं सेवा कर से जुड़े विधेयक शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों और बोर्डों की वार्षिक रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएंगी।
विपक्ष के तेवर सख्त, कांग्रेस करेगी विधानसभा का घेराव
कांग्रेस ने सत्र की अवधि केवल दो दिन रखने पर सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का कहना है कि सरकार जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से बचना चाहती है। कांग्रेस ने बेरोजगारी, पेपर लीक, भ्रष्टाचार, महंगाई और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। पार्टी ने मंगलवार को विधानसभा घेराव का भी कार्यक्रम रखा है।
चुनावी साल में अहम सत्र
वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इस सत्र को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार की कोशिश अनुपूरक बजट और विधायी कार्यवाही पूरी करने की है, जबकि विपक्ष सरकार के कामकाज और जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाना चाहता है। ऐसे में सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक टकराव के आसार बने हुए हैं।





