नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा की तैयारी तेज कर दी है। कैबिनेट सचिव ने 27 अक्टूबर को सभी मंत्रालयों के सचिवों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में मंत्रालयों की प्रगति, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और भविष्य की कार्ययोजनाओं का विस्तृत ब्योरा लिया जाएगा।
बैठक में तैयार होने वाली समग्र रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इसके आधार पर सरकार की प्राथमिकताओं और प्रशासनिक सुधारों को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना है।
मंत्रालयों से मांगा जाएगा प्रदर्शन का पूरा ब्योरा
बैठक में सभी मंत्रालयों से मौजूदा योजनाओं की स्थिति, उनकी उपलब्धियों और आम जनता को मिल रहे लाभ की जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा, भविष्य में लागू की जाने वाली योजनाओं और प्रस्तावित कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा होगी।
मंत्रालयों के सचिव क्रमवार अपने विभागों के कामकाज की जानकारी देंगे। समीक्षा का उद्देश्य यह पता लगाना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ कितने लोगों तक पहुंच रहा है और उन्हें अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए किन बदलावों की जरूरत है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी लगातार सुधार, बेहतर कार्यप्रदर्शन और बदलाव की नीति पर जोर देते रहे हैं। सरकार का लक्ष्य कारोबार करना आसान बनाने के साथ आम नागरिकों के जीवन को भी सुविधाजनक बनाना है।
इसके तहत सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया जा सकता है। सरकार की कोशिश है कि विकास योजनाओं का लाभ शहरों के साथ कस्बों और गांवों तक भी पहुंचे।
कैबिनेट विस्तार को लेकर भी चर्चाएं तेज
मंत्रालयों के प्रदर्शन की समीक्षा ऐसे समय हो रही है, जब केंद्र सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई जा रही हैं। माना जा रहा है कि सरकार की प्राथमिकताओं, मंत्रियों के कामकाज और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति तय की जा सकती है।
हालांकि, 27 अक्टूबर की बैठक के बाद कैबिनेट में फेरबदल होगा या नहीं, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में बैठक के नतीजों और प्रधानमंत्री के स्तर पर होने वाले आगामी फैसलों पर सबकी नजरें रहेंगी।





