नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की आगामी भारत यात्रा के दौरान व्यापार, ऊर्जा सहयोग और निवेश बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है। समझौते के कई प्रमुख मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बातचीत के दौरान गोर ने बताया कि रुबियो अपने भारत दौरे में मुंबई में भारतीय अधिकारियों और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, वह गुजरात के जामनगर में रिलायंस समूह के परिसरों का दौरा करेंगे और कारोबारी प्रतिनिधियों से भी बातचीत करेंगे।
व्यापार समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में
सर्जियो गोर के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के प्रमुख बिंदुओं पर प्रगति हुई है। उन्होंने दोनों देशों के बीच बातचीत की गति को उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि समझौते को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
यह समझौता दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और बाजार तक पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। हालांकि, समझौते को अंतिम रूप देने के लिए औपचारिक प्रक्रिया और शेष मुद्दों पर सहमति जरूरी होगी।
ऊर्जा सहयोग और निवेश पर भी चर्चा
रुबियो की यात्रा के दौरान ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है। अमेरिका के साथ इस क्षेत्र में साझेदारी दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रूस से तेल खरीद पर प्रतिबंध का मुद्दा
रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर संभावित अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस संबंध में अगले 10 दिनों में अंतिम निर्णय ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य किसी देश को दंडित करना नहीं, बल्कि युद्ध समाप्त करने की दिशा में कदम उठाना है।
मार्को रुबियो की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत और अमेरिका व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्रों में अपने संबंधों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।





