Top 5 This Week

Related Posts

12 साल की देरी के बाद खुलेगा चीन-उत्तर कोरिया का नया पुल

बीजिंग। चीन और उत्तर कोरिया के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को मजबूती देने के उद्देश्य से यालू नदी पर बने नए पुल को गुरुवार, 15 अक्टूबर को यातायात के लिए खोला जाएगा। करीब 12 साल की देरी के बाद शुरू होने जा रहा यह पुल दोनों देशों के बीच व्यापार और परिवहन संपर्क को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

न्यू यालू रिवर ब्रिज चीन के पूर्वोत्तर शहर डांडोंग को उत्तर कोरिया के सिनुइजू शहर से जोड़ता है। करीब तीन किलोमीटर लंबा और चार लेन वाला यह पुल दोनों देशों के बीच माल ढुलाई और आवाजाही की क्षमता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, पुल के उद्घाटन के लिए दोनों देशों की ओर से समारोह आयोजित किया जाएगा।

2014 में तैयार हुआ था पुल

इस पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2011 में शुरू हुआ था और चीन की ओर से वर्ष 2014 तक इसे तैयार कर लिया गया था। हालांकि, उत्तर कोरिया की ओर जरूरी पहुंच मार्ग, सीमा शुल्क सुविधाएं और अन्य बुनियादी ढांचे का काम पूरा नहीं होने के कारण इसका संचालन शुरू नहीं हो सका।

दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव और उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बीच परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। अब संबंधों में सुधार के संकेतों के बीच पुल को शुरू करने की तैयारी की गई है।

पुराने पुल पर कम होगा दबाव

नया पुल शुरू होने से चीन और उत्तर कोरिया के बीच व्यापार के प्रमुख मार्ग पर परिवहन व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। वर्ष 1937 में बने पुराने पुल पर रेलगाड़ियों के साथ सड़क यातायात भी संचालित होता है, लेकिन सड़क पर एक समय में केवल एक दिशा से वाहनों की आवाजाही हो सकती है। नया पुल इस समस्या को कम करने में मदद करेगा।

चीन-उत्तर कोरिया संबंधों को मिलेगी मजबूती

चीन लंबे समय से उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और आर्थिक सहयोगी रहा है। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत करने के प्रयास तेज हुए हैं। जून में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की मुलाकात में व्यापार, कृषि, निर्माण और तकनीक सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि नया पुल दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है। हालांकि, इसके आर्थिक प्रभाव का वास्तविक आकलन संचालन शुरू होने और व्यापारिक गतिविधियों में आने वाले बदलावों के बाद ही हो सकेगा।

Popular Articles