वॉशिंगटन। टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में भारी रकम खर्च की है। चुनावी वित्तपोषण से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, मस्क ने 2026 के चुनावी चक्र में अब तक करीब 366 मिलियन डॉलर (लगभग 3,500 करोड़ रुपये से अधिक) खर्च किए हैं। इसमें से 276 मिलियन डॉलर से ज्यादा की राशि जुलाई के बाद रिपब्लिकन समर्थक संगठनों और अपने राजनीतिक संगठन को दी गई है। इस वजह से उन्हें इस चुनाव में सबसे बड़े व्यक्तिगत राजनीतिक दानदाताओं में शामिल माना जा रहा है।
रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में बड़ा निवेश
मस्क की ओर से दी गई रकम का सबसे बड़ा हिस्सा सीनेट लीडरशिप फंड को मिला है। इस संगठन को 158 मिलियन डॉलर दिए गए हैं, जो रिपब्लिकन उम्मीदवारों को सीनेट चुनावों में समर्थन देता है। इसके अलावा, मस्क के राजनीतिक संगठन अमेरिका पीएसी (America PAC) को 76 मिलियन डॉलर मिले हैं।
रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में काम करने वाले कांग्रेसनल लीडरशिप फंड को 20 मिलियन डॉलर दिए गए हैं। टेक्सास में सीनेट चुनाव लड़ रहे रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन के समर्थन वाले संगठन को 10 मिलियन डॉलर मिले हैं। इसके अलावा रिपब्लिकन गवर्नर्स एसोसिएशन को 10 मिलियन डॉलर और रिपब्लिकन अटॉर्नी जनरल्स एसोसिएशन को 2 मिलियन डॉलर दिए गए हैं।
ट्रंप के साथ फिर मजबूत हुए संबंध
एलन मस्क ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में भी डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन करने के लिए लगभग 290 मिलियन डॉलर खर्च किए थे। ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद मस्क ने सरकारी खर्चों में कटौती से जुड़ी पहल डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) का नेतृत्व किया था।
हालांकि, नीतिगत मतभेदों के चलते दोनों के बीच सार्वजनिक विवाद हुआ और मस्क ने सरकारी भूमिका छोड़ दी। बाद में दोनों के संबंध फिर सामान्य हुए। हाल ही में ट्रंप ने मस्क को नेशनल मेडल ऑफ साइंस से सम्मानित किया।
राजनीतिक चंदे को लेकर बहस तेज
मस्क की ओर से बड़ी रकम खर्च किए जाने के बीच अमेरिका में राजनीतिक चंदे और चुनावों पर धन के प्रभाव को लेकर बहस तेज हो गई है। डेमोक्रेटिक नेताओं ने आरोप लगाया है कि रिपब्लिकन पार्टी चुनावी प्रचार में भारी धनराशि लगाकर मतदाताओं की नाराजगी और महंगाई जैसे मुद्दों का असर कम करने की कोशिश कर रही है।
वहीं, मस्क के समर्थकों का कहना है कि इस धनराशि से रिपब्लिकन उम्मीदवारों को अपना संदेश मतदाताओं तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। आगामी चुनावों में प्रतिनिधि सभा और सीनेट पर नियंत्रण को लेकर दोनों दलों के बीच मुकाबला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





