अहमदाबाद। गुजरात की राजधानी गांधीनगर में महानगरपालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए अपने-अपने चुनावी एजेंडे सामने रखे हैं। भाजपा जहां गांधीनगर को हाईटेक सिटी बनाने और आधुनिक तकनीक से यातायात व्यवस्था सुधारने का वादा कर रही है, वहीं कांग्रेस ने महिलाओं को केंद्र में रखकर कई घोषणाएं की हैं।
भाजपा का हाईटेक गांधीनगर पर जोर
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गांधीनगर को हाईटेक सिटी के रूप में विकसित करने का वादा किया है। इसके तहत शहर के चौराहों पर यातायात नियंत्रण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक के इस्तेमाल की बात कही गई है। भाजपा का जोर शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने, आधुनिक तकनीक अपनाने और शहर के विकास को गति देने पर है।
कांग्रेस की पिंक पॉलिसी से महिलाओं को साधने की कोशिश
कांग्रेस सांसद गेनीबेन ठाकोर ने पार्टी की पिंक पॉलिसी की घोषणा की है। इसके तहत महिलाओं के लिए पिंक बस सेवा शुरू करने, मुफ्त सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने और संपत्ति कर में महिलाओं को 50 प्रतिशत छूट देने जैसे वादे किए गए हैं। कांग्रेस का प्रयास इन घोषणाओं के जरिए महिला मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना है।
शंकरसिंह वाघेला की सक्रियता से कांग्रेस को उम्मीद
पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला की कांग्रेस के प्रचार अभियान में सक्रियता से पार्टी को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। वाघेला ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए गुजरात में सत्ता परिवर्तन की जरूरत बताई है। उनके चुनाव प्रचार में उतरने से कांग्रेस को राजनीतिक रूप से मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।
11 अक्टूबर को मतदान, 13 को आएंगे नतीजे
गांधीनगर महानगरपालिका में कुल 11 वार्डों की 44 सीटों पर चुनाव होना है। मतदान 11 अक्टूबर को निर्धारित है, जबकि मतगणना 13 अक्टूबर को होगी। वर्ष 2021 के पिछले चुनाव में भाजपा ने 44 में से 41 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को दो और आम आदमी पार्टी को एक सीट मिली थी।
इस बार भाजपा अपनी पिछली सफलता दोहराने की कोशिश में है, वहीं कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी ताकत लगा रही है। चुनाव में विकास, शहरी सुविधाएं और महिला मतदाताओं से जुड़े मुद्दे अहम भूमिका निभा सकते हैं।





