रुड़की। उत्तराखंड के रुड़की स्थित बंगाल इंजीनियर ग्रुप (बीईजी) केंद्र में चल रही अग्निवीर भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों को बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशानी उठानी पड़ रही है। पांच से 23 अक्टूबर तक आयोजित भर्ती प्रक्रिया में देशभर से प्रतिदिन एक हजार से अधिक युवा पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद पेयजल, शौचालय, मोबाइल चार्जिंग और ठहरने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
चार दिन से खाली पड़ा पानी का टैंकर
अभ्यर्थियों के मुताबिक, एसडीएम चौक के पास रखा पेयजल टैंकर पिछले चार दिन से खाली है। ऐसे में युवाओं को पानी की बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं। कुछ अभ्यर्थी आसपास के पेट्रोल पंपों से पानी लेकर प्यास बुझा रहे हैं। गर्मी के बीच पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ गई है।
शौचालयों में सफाई नहीं, मोबाइल चार्जिंग की भी दिक्कत
भर्ती स्थल पर बनाए गए बायो टॉयलेट में गंदगी की शिकायतें सामने आई हैं। शौचालयों में बिजली के होल्डर तो लगाए गए हैं, लेकिन बिजली की आपूर्ति और बल्ब की व्यवस्था नहीं होने से रात में परेशानी होती है। मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए भी पर्याप्त स्टेशन नहीं हैं। अभ्यर्थी बस अड्डे, ढाबों और आसपास की दुकानों का सहारा ले रहे हैं।
कमरों का किराया 1500 रुपये तक
भर्ती में शामिल होने आए युवाओं और उनके परिजनों को ठहरने के लिए कमरे लेने में भी मुश्किल हो रही है। उत्तर प्रदेश के हापुड़ से आए एक अभिभावक के अनुसार, बस अड्डे के पास होटल संचालक एक कमरे का किराया 1200 से 1500 रुपये तक मांग रहे हैं। इससे बाहर से आने वाले परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
कई अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ कचहरी रोड पर पेड़ों के नीचे आराम करते दिखाई दिए। उनका कहना है कि भर्ती में बड़ी संख्या में युवाओं के पहुंचने के बावजूद सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है।
प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा
रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने कहा कि सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए तहसील से कर्मचारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। मोबाइल चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेयजल और सफाई व्यवस्था में कमी की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान पेयजल, स्वच्छ शौचालय और ठहरने जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए, ताकि युवाओं को चयन प्रक्रिया में शामिल होने के दौरान अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।





