नई दिल्ली। भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को लेकर बातचीत का पांचवां दौर सोमवार से कनाडा की राजधानी ओटावा में शुरू हो गया। पांच दिन चलने वाली यह वार्ता 9 अक्टूबर तक चलेगी। दोनों देशों का लक्ष्य इस साल के अंत तक व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी करना है।
इस वार्ता को दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पहले CEPA वार्ता का चौथा दौर 18 सितंबर को नई दिल्ली में समाप्त हुआ था। अब दोनों पक्ष बातचीत में तेजी लाकर लंबित मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
CEPA एक प्रकार का मुक्त व्यापार समझौता है, जिसके तहत दोनों देश बड़ी संख्या में वस्तुओं पर सीमा शुल्क को कम या समाप्त करने के साथ व्यापार और निवेश को आसान बनाने की दिशा में काम करते हैं। समझौते में सेवाओं, निवेश और कुशल पेशेवरों की आवाजाही जैसे मुद्दे भी शामिल हो सकते हैं।
भारत और कनाडा ने इस व्यापार समझौते को लेकर पहली बार 2015 में बातचीत शुरू की थी। 2015 से 2017 के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन बाद में प्रक्रिया रुक गई। मार्च 2022 में दोनों देशों ने व्यापार समझौते पर बातचीत फिर शुरू की। हालांकि, 2023 में द्विपक्षीय संबंधों में तनाव के कारण वार्ता प्रभावित हुई। नवंबर 2025 में दोनों देशों ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर औपचारिक बातचीत फिर शुरू करने का फैसला किया।
दोनों देशों के बीच संबंधों में हाल के समय में फिर से आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी CEPA वार्ता को आगे बढ़ाने और आर्थिक सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
CEPA के पूरा होने से भारत और कनाडा के कारोबारियों के लिए नए बाजार और निवेश के अवसर खुलने की उम्मीद है। वार्ता के पांचवें दौर से दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद की जा रही है।





