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दीदी बनाकर जीता भरोसा, फिर मकान पर खेला करोड़ों का खेल!

70 लाख के लोन का झांसा देने का आरोप, 2.58 करोड़ में मकान बेचने और 1.70 करोड़ का लोन दिखाने का दावा

हल्द्वानी। भरोसे का रिश्ता ही जब संपत्ति हथियाने का जरिया बन जाए तो ठगी का दर्द कई गुना बढ़ जाता है। छड़ायल नयाबाद की चंदा नगर कॉलोनी निवासी फौजी की पत्नी भागीरथी जोशी ने मंडलायुक्त को दी तहरीर में भुवन चन्द्र जोशी उर्फ कन्नू जोशी समेत कई लोगों पर मुंहबोली बहन बनाकर विश्वास में लेने, मकान के दस्तावेज हासिल करने और कथित बैंक मिलीभगत से करोड़ों की संपत्ति का सौदा कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

करीब दो साल पहले भुवन चन्द्र जोशी की महिला से मुलाकात हुई। उस समय वह कमला एसोसिएट के नाम से शराब कारोबार करता था। आरोप है कि उसने महिला को अपनी मुंहबोली दीदी बनाकर विश्वास जीता और कारोबार की लिमिट बढ़ाने के नाम पर तीन महीने के लिए मकान के कागजात मांगे। बदले में हर महीने डेढ़ लाख रुपये देने का भरोसा दिया गया। महिला का दावा है कि उसने पति को बताए बिना मकान के मूल दस्तावेज आरोपी को सौंप दिए।

लोन का झांसा और फिर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर

आरोप है कि कुछ दिन बाद आरोपी ने लोन पास कराने के लिए रजिस्टर्ड एग्रीमेंट की जरूरत बताई और महिला को तहसील ले गया। तहरीर में महिला ने आरोप लगाया है कि वहां उसे कोल्ड ड्रिंक पिलाई गई और इसके बाद आरोपी के कहने पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए।

इसके बाद बैंक से आने वाले पत्र, चेकबुक, एटीएम और पासबुक भी आरोपी के कब्जे में चले गए। महिला का आरोप है कि उसके नाम से खोले गए खाते में मोबाइल नंबर और यूपीआई आईडी तक आरोपी ने अपना दर्ज करा लिया और खाते का संचालन खुद करने लगा।

70 लाख बताया, मकान 2.58 करोड़ में बिकने का आरोप

महिला के अनुसार उसे बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रामनगर शाखा में ले जाकर 70 लाख रुपये के लोन की बात कहकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। आरोप है कि वहां भुवन चन्द्र पाण्डे भी मौजूद था।

तीन महीने बाद दस्तावेज वापस नहीं मिलने पर महिला ने जानकारी जुटाई तो उसके मुताबिक उसे पता चला कि मकान कथित तौर पर 2.58 करोड़ रुपये में राज किशोर वर्मा निवासी दिल्ली के नाम बेच दिया गया। इतना ही नहीं, उसी संपत्ति पर करीब 1.70 करोड़ रुपये का बैंक लोन दर्शाए जाने का भी आरोप है। महिला का कहना है कि उसे बिक्री की रकम नहीं मिली।

करीब 17 महीने तक महिला को कागजात वापस करने का भरोसा दिया जाता रहा। इसके बाद उसने 18 मई 2025 को जनता दरबार में शिकायत की। महिला का दावा है कि मामले को सुलझाने के लिए समय दिया गया, लेकिन राहत नहीं मिली।

आरोप है कि इसके बाद उसे 34 लाख रुपये के तीन चेक दिए गए। महिला ने इन्हें एसबीआई कुसुमखेड़ा में भुगतान के लिए लगाया, लेकिन तीनों चेक अनादरित हो गए। इसके बाद आरोपी ने फोन उठाना भी बंद कर दिया।

तहरीर में भुवन चन्द्र जोशी के अलावा भुवन चन्द्र पाण्डे, महाराष्ट्र बैंक रामनगर के शाखा प्रबंधक सुनील कुमार, स्वाती, सीए मोहित काण्डपाल, अंकुर अग्रवाल, अंकुर जैन, विकास वर्मा, शैलेन्द्र और राज किशोर वर्मा समेत कई लोगों पर कथित मिलीभगत का आरोप लगाया गया है।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मकान बेचने से लेकर बैंक लोन और रकम के लेनदेन तक पूरा खेल आपसी मिलीभगत से किया गया। उसने मामले की निष्पक्ष जांच कर संपत्ति और बैंक लेनदेन की पूरी पड़ताल कराने तथा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पीड़िता के अनुसार, “मेरा मकान भी बिकवा दिया गया और मामले को शांत करने के लिए चेक दे दिए गए। मेरा पूरा परिवार सड़क पर आ गया है।”

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