Top 5 This Week

Related Posts

SIR प्रक्रिया पर जयराम रमेश का हमला, बोले- आयोग के कदम केवल ‘डैमेज कंट्रोल’

नई दिल्ली। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने चुनाव आयोग की ओर से हाल में घोषित उपायों पर सवाल उठाते हुए SIR प्रक्रिया को पूरी तरह विफल बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग के नए कदम मतदाता सूची से नाम हटने या हटने के खतरे में पड़े मतदाताओं की समस्या का स्थायी समाधान नहीं करते।

रमेश ने आयोग के प्रेस नोट को ‘डैमेज कंट्रोल’ का प्रयास बताया। उनके अनुसार, आयोग ने 5.43 करोड़ ऐसे मतदाताओं के घर दोबारा बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को भेजने की बात कही है, जिनके नाम हटने के जोखिम में हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि घर-घर सत्यापन की प्रक्रिया पहले ही होनी थी और यदि पहले चरण में यह काम पर्याप्त तरीके से नहीं हुआ तो दोबारा वही प्रक्रिया दोहराने से क्या हासिल होगा।

करीब 14 करोड़ नाम हटने का दावा

जयराम रमेश ने दावा किया कि SIR के तीन चरणों में अब तक करीब 14 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे मतदाताओं को दोबारा निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के पास आवेदन करने के लिए कहना उचित प्रक्रिया है या नहीं। कांग्रेस नेता ने इसे बड़े पैमाने पर मतदाताओं को पहले सूची से बाहर करने और फिर दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कराने की प्रक्रिया बताया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाशिए पर रहने वाले मतदाताओं के नाम लक्षित तरीके से हटाए गए और इससे भाजपा को लाभ पहुंच सकता है। यह आरोप कांग्रेस की ओर से लगाया गया है; चुनाव आयोग ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।

ECINet और AI के इस्तेमाल पर सवाल

रमेश ने मतदाता सूची तैयार करने में ECINet सॉफ्टवेयर की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पात्र मतदाताओं के नाम हटाने में सॉफ्टवेयर की भूमिका रही और ERO के अधिकारों को दरकिनार किया गया। आयोग ने सॉफ्टवेयर की नियमों के अनुरूप कार्यप्रणाली की जांच के लिए समिति गठित करने की बात कही है।

कांग्रेस नेता ने SIR में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के इस्तेमाल को लेकर भी पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने दिल्ली और पश्चिम बंगाल से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए आयोग से स्पष्ट जानकारी देने को कहा।

वहीं, चुनाव आयोग ने एक दिन पहले कहा था कि SIR से जुड़े सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग ने मतदाताओं के लिए कुछ प्रक्रियाओं को आसान बनाने के उपायों की भी घोषणा की है।

Popular Articles