चोरी की तिजोरी लेकर भाग रहे युवक-युवती को चेकिंग में पकड़ा,फिर छोड़ा?
हिमाचल पुलिस की जांच में आबकारी दरोगा समेत 4 कर्मियों को गिरफ्तार कर ले गई
रुद्रपुर। शिमला में हुई चोरी की वारदात ने रुद्रपुर में खाकी की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरी के माल के साथ भाग रहे युवक-युवती की कार को रुद्रपुर में बार्डर पर आबकारी टीम ने चेक किया था। आरोप है कि चेकिंग के दौरान चोरी का कुछ सामान टीम ने अपने पास रख लिया और युवक-युवती को आगे जाने दिया। मामला खुला तो अब हिमाचल पुलिस ने आबकारी विभाग से जुड़े चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। बाद में चारों को अपने साथ ले गई।
इसकी पुष्टि एसएसपी कार्यालय से की गई है। दरअसल, शिमला में 7 सितंबर को एक मकान में चोरी हुई थी। आरोप है कि वहां काम करने वाली नेपाल की युवती अपने प्रेमी के साथ किराये की कार से चोरी का सामान लेकर नेपाल भाग रही थी। कार में चोरी की तिजोरी भी मौजूद थी।रुद्रपुर के रामपुर हाईवे पर आबकारी टीम ने कार को रोका। यहीं से पूरे मामले की कहानी में नया मोड़ आया। आरोप है कि कार से चोरी का माल मिलने के बावजूद युवक-युवती को जाने दिया गया और चोरी के कुछ सामान को टीम द्वारा कथित तौर पर अपने पास रख लिया गया।इसके बाद टैक्सी चालक दोनों को नेपाल बॉर्डर के पास छोड़कर गाजियाबाद लौट गया।
नेपाल पहुंचने के बाद युवती ने कथित तौर पर शिमला के मकान मालिक को चोरी की जानकारी दी और उत्तराखंड में चेकिंग के दौरान चोरी के कुछ माल को लूटने होने की बात बताई।शिमला पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो टैक्सी चालक को गाजियाबाद से पकड़ा गया। चालक से पूछताछ के बाद पुलिस रुद्रपुर पहुंची और 9 सितंबर की रात हुई आबकारी विभाग की चेकिंग की पड़ताल शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो मामला साफ हो गया। जांच की कड़ी में एसएचओ शिमला बिलोचन नेगी के नेतृत्व में हिमाचल पुलिस ने आबकारी टीम से जुड़े दरोगा देवेंद्र कुमार, कांस्टेबल बलजीत सिंह, उपनल कर्मी पप्पू लाल और पीआरडी जवान नईम को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। बाद में हिमाचल पुलिस चारों को गिरफ्तार कर ले गई।
शिमला की चोरी का माल रुद्रपुर पहुंचा,आबकारी टीम ने कार की चेकिंग की और उसके बाद कथित तौर पर चोरी के माल का कुछ हिस्सा गायब होने का आरोप सामने आया। अब जांच का सबसे बड़ा आया।अगर जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो यह महज चोरी के मामले की कड़ी नहीं होगी, बल्कि सरकारी वर्दी और व्यवस्था की साख पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगी।फिलहाल हिमाचल पुलिस की जांच में सच और आरोप के बीच की पूरी तस्वीर सामने आना बाकी है।



