बेस अस्पताल में 66 वर्षीय महिला की मौत से हड़कंप, सांस लेने में तकलीफ के बाद पड़ा कार्डिएक अरेस्ट; पानी और स्टाफ की कमी पर फिर उठे सवाल
हल्द्वानी। जिंदगी बचाने की उम्मीद लेकर बेस अस्पताल के डायलिसिस सेंटर पहुंची लक्ष्मी देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई। डायलिसिस शुरू होते ही उनकी सांस उखड़ने लगी। स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल प्रक्रिया रोककर ऑक्सीजन दी, लेकिन हालत में सुधार के बाद दोबारा डायलिसिस शुरू करने की तैयारी के दौरान अचानक कार्डिएक अरेस्ट पड़ गया। डॉक्टरों ने सीपीआर देकर उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, मगर जिंदगी की डोर नहीं बच सकी।
लक्ष्मी देवी नियमित डायलिसिस के लिए दोपहर में सेंटर पहुंची थीं। प्रक्रिया शुरू होने के कुछ ही देर बाद उन्हें सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी। ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल मशीन हटाकर ऑक्सीजन सपोर्ट दिया। डायलिसिस सेंटर के डॉक्टर अभिषेक के मुताबिक ऑक्सीजन देने के बाद उनकी हालत में कुछ सुधार हुआ था। इसके बाद दोबारा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी चल ही रही थी कि उन्हें कार्डिएक अरेस्ट पड़ गया।
मौत ने खोल दी व्यवस्थाओं की परत?
महिला की मौत के बाद डायलिसिस सेंटर की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल फिर उठने लगे हैं। मरीजों और तीमारदारों की ओर से सेंटर में पानी और पर्याप्त स्टाफ की कमी की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में घटना के बाद इन व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
स्थानीय पार्षद रोहित कुमार ने सेंटर पहुंचकर मरीजों की समस्याओं की जानकारी ली और व्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दे पीएमएस के सामने रखे।
पीएमएस ने दिए तत्काल सुधार के निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए पीएमएस डॉ. एमके तिवारी ने डायलिसिस सेंटर प्रबंधन को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने सेंटर की समस्याओं से उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया। पीएमएस ने भरोसा दिलाया कि पानी, स्टाफ और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा, ताकि मरीजों को इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।




