नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ विषय पर इंटरैक्टिव टॉकाथॉन आयोजित किया। 45 मिनट के इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों, शिक्षकों और छात्रों ने नशे की रोकथाम से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को नशे से होने वाले नुकसान, उससे बचाव और स्वस्थ एवं जिम्मेदार जीवनशैली के विकल्पों के बारे में जागरूक करना था। सीबीएसई ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों को सीधे कार्यक्रम से जोड़ा और उन्हें अपने सवाल विशेषज्ञों के सामने रखने का अवसर दिया।
टॉकाथॉन के दौरान छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य, साथियों के दबाव (पीयर प्रेशर) और नशे की लत से बाहर निकलने के उपायों से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने छात्रों की जिज्ञासाओं का जवाब देते हुए नशे से दूर रहने और स्वस्थ विकल्प अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में एम्स नई दिल्ली के मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. नंद कुमार, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त निदेशक डॉ. अनीस सी. और मयूर स्कूल, नोएडा की प्रधानाचार्य अलका अवस्थी विशेषज्ञ पैनल में शामिल रहीं। कार्यक्रम का संचालन पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, आरके पुरम की छात्रा सामिया और पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर-3, दिल्ली कैंट के कक्षा 12 के छात्र रोहित सिंह ने किया।
सीबीएसई के अनुसार, सोशल मीडिया के जरिए आयोजित इस पहल का मकसद छात्रों के साथ सीधे संवाद स्थापित करना और नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़े जोखिमों पर खुलकर बातचीत के लिए मंच उपलब्ध कराना था। बोर्ड ने बताया कि युवाओं में जागरूकता और जिम्मेदार विकल्पों की समझ विकसित करना विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में छात्रों की भागीदारी और सवालों ने नशे की रोकथाम से जुड़े विषयों में उनकी रुचि को भी सामने रखा। सीबीएसई ने इस तरह के जागरूकता प्रयासों के माध्यम से स्कूल स्तर पर नशामुक्ति को लेकर संवाद बढ़ाने पर जोर दिया है।





