नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के हाई-लेवल वीक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। वह 26 सितंबर को महासभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वैश्विक सहयोग, अंतरराष्ट्रीय शांति और मौजूदा चुनौतियों पर भारत का पक्ष रखने की उम्मीद है।
जयशंकर के अमेरिका दौरे के दौरान संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत की भागीदारी के साथ कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों का कार्यक्रम भी रहेगा। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए संघर्ष, आर्थिक चुनौतियां, मानवीय संकट, जलवायु परिवर्तन और तेजी से उभरती तकनीक जैसे मुद्दे चर्चा के प्रमुख विषय रहेंगे।
193 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की सामान्य बहस 22 से 28 सितंबर तक चलेगी। इसमें संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि अपने विचार रखेंगे। इस बार सामान्य बहस की थीम ‘विश्वास बहाल करना, परिवर्तन का प्रबंधन और एक संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए परिणाम दे’ रखी गई है।
सत्र का उद्देश्य वैश्विक सहयोग को मजबूत करना, सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति को तेज करना और शांति, गरिमा तथा समानता के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना है।
वैश्विक मुद्दों पर भारत की सक्रिय भागीदारी
जयशंकर की यात्रा के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय वार्ताएं भी होंगी। भारत की विदेश नीति से जुड़े हालिया बयानों में वैश्विक अस्थिरता, व्यापार व्यवस्था, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संकटों के बीच संवाद और सहयोग पर जोर दिया गया है।
संयुक्त राष्ट्र का यह उच्चस्तरीय सप्ताह ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में जयशंकर के संबोधन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी।





