देहरादून। अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए अग्निवीरों के भविष्य को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने केंद्र सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने अग्निवीर योजना पर सवाल उठाते हुए इसे समाप्त कर सेना में पहले की तरह स्थायी भर्ती प्रक्रिया बहाल करने की मांग की।
गणेश गोदियाल ने कहा कि इसी महीने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए युवाओं का चार साल का सेवा कार्यकाल पूरा हो रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि सेवा पूरी करने के बाद इन युवाओं के रोजगार और भविष्य के लिए क्या व्यवस्था की गई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस विषय पर सरकार को स्पष्ट नीति सामने रखनी चाहिए।
प्रीतम सिंह ने रोजगार व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस चुनाव प्रचार अभियान समिति के चेयरमैन प्रीतम सिंह ने कहा कि अग्निपथ योजना के तहत सीमित संख्या में युवाओं को ही आगे सेना में सेवा का अवसर मिलेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि सेवा अवधि पूरी होने के बाद बाकी युवाओं के रोजगार के लिए क्या प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने सरकार से युवाओं के लिए ठोस रोजगार व्यवस्था की मांग की।
हरक सिंह रावत ने पुरानी व्यवस्था की मांग की
वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने भी अग्निपथ योजना को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के बड़ी संख्या में परिवारों का सेना से पुराना संबंध रहा है। उनके अनुसार, चार साल की सेवा के बाद युवाओं के सामने भविष्य को लेकर चुनौती खड़ी होती है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अग्निपथ योजना समाप्त कर पहले की तरह सेना में भर्ती शुरू करने की मांग की।
रावत ने उत्तराखंड के सैन्य परिवारों और युवाओं के संदर्भ में योजना से जुड़ी सामाजिक एवं रोजगार संबंधी चिंताओं का भी उल्लेख किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सेना में भर्ती की पुरानी व्यवस्था बहाल करने से युवाओं को दीर्घकालिक रोजगार और सेवा संबंधी स्पष्टता मिल सकेगी।
कांग्रेस की पत्रकार वार्ता में महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला और कर्नल राम रतन नेगी समेत अन्य नेता भी मौजूद रहे।





