नई दिल्ली। भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को लेकर बातचीत का चौथा दौर सोमवार से नई दिल्ली में शुरू हो गया। दोनों देश इस वर्ष के अंत तक वार्ता पूरी करने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।
पांच दिन तक चलने वाली यह वार्ता 14 से 18 सितंबर तक होगी। बातचीत में वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, मूल स्थान के नियम (Rules of Origin), तकनीकी व्यापार बाधाओं समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इससे पहले वार्ता का तीसरा दौर जुलाई में कनाडा के ओटावा में हुआ था।
भारत और कनाडा के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए CEPA को अहम माना जा रहा है। दोनों देशों ने व्यापार और निवेश के नए अवसर बढ़ाने तथा आर्थिक सहयोग को गति देने पर सहमति जताई है। मार्च 2026 में दोनों देशों ने CEPA वार्ता के लिए Terms of Reference को अंतिम रूप दिया था। इसके तहत व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और कनाडा के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 7.95 अरब डॉलर रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष के 8.66 अरब डॉलर की तुलना में 8.22 प्रतिशत कम है। इस दौरान भारत का कनाडा को निर्यात 4.67 अरब डॉलर और कनाडा से आयात 3.28 अरब डॉलर रहा।
भारत से कनाडा को दवाइयां, लोहा-इस्पात, समुद्री खाद्य, सूती परिधान, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायन प्रमुख रूप से निर्यात किए जाते हैं। वहीं, भारत कनाडा से दलहन, कोयला, उर्वरक, कागज, मोती और कच्चा पेट्रोलियम समेत कई वस्तुओं का आयात करता है।
दोनों देशों के बीच जारी CEPA वार्ता को व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने की महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।





