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दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल बरी, मरीन जवान की मौत से जुड़े मामले में कोर्ट का फैसला

सियोल। दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को 2023 में एक मरीन जवान की डूबने से हुई मौत से जुड़े मामले में अदालत ने शुक्रवार को बरी कर दिया। सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह पर्याप्त रूप से साबित नहीं कर सका कि यून ने जांच को प्रभावित करने के उद्देश्य से पूर्व रक्षा मंत्री ली जोंग-सुप को ऑस्ट्रेलिया में राजदूत नियुक्त किया था।

मामला 2023 में कॉर्पोरल चे सु-ग्यून की मौत से जुड़ा है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए खोज एवं बचाव अभियान के दौरान जवान की डूबने से मौत हो गई थी। घटना की शुरुआती जांच में कई सैन्य अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई थी।

विशेष जांच पक्ष का आरोप था कि तत्कालीन राष्ट्रपति यून ने पूर्व रक्षा मंत्री ली जोंग-सुप को ऑस्ट्रेलिया में राजदूत नियुक्त कर उन्हें देश से बाहर जाने का अवसर दिया, ताकि वह इस मामले की आपराधिक जांच से बच सकें। हालांकि अदालत ने कहा कि नियुक्ति का उद्देश्य जांच में बाधा डालना था, इसे साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।

यून के वकीलों ने अदालत के फैसले का स्वागत किया और अभियोजन पक्ष से अपील नहीं करने की अपील की। मामले में यून के अलावा पूर्व न्याय मंत्री और राष्ट्रपति सुरक्षा निदेशक समेत कुछ अन्य आरोपितों को भी राहत मिली।

हालांकि यह फैसला यून के लिए सभी कानूनी मुश्किलों का अंत नहीं है। मरीन जवान की मौत की जांच में कथित हस्तक्षेप और जांच रिपोर्ट को बदलने के दबाव से संबंधित एक अलग आपराधिक मामला अभी जारी है। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि सैन्य अधिकारियों ने जवानों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के बिना खोज अभियान में भेजा था और बाद में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को रोकने की कोशिश की गई।

यून सुक येओल को दिसंबर 2024 में मार्शल लॉ लागू करने के मामले में भी गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। अप्रैल 2025 में उन्हें राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया था। ऐसे में मरीन जवान की मौत से जुड़े इस मामले में बरी होना उनके लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी राहत माना जा रहा है।

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