नई दिल्ली। भारत की स्पेस-टेक कंपनी GalaxEye Space ने अंतरिक्ष और रिमोट सेंसिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को अपनी OptoSAR (Optical Synthetic Aperture Radar) तकनीक के लिए अमेरिका में पेटेंट प्रदान किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह तकनीक ऑप्टिकल इमेजिंग और सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) की क्षमताओं को एक साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अमेरिकी पेटेंट मिलने से GalaxEye की स्वदेशी तकनीक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। कंपनी का लक्ष्य ऐसी उपग्रह आधारित इमेजिंग प्रणाली विकसित करना है, जो दिन-रात और विभिन्न मौसम परिस्थितियों में पृथ्वी की सतह से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा सके।
OptoSAR तकनीक क्या है?
OptoSAR एक ऐसी तकनीक है, जिसमें ऑप्टिकल सेंसर और SAR इमेजिंग को एकीकृत किया जाता है। पारंपरिक ऑप्टिकल कैमरे जहां पर्याप्त रोशनी और मौसम की स्थिति से प्रभावित हो सकते हैं, वहीं SAR तकनीक रडार सिग्नल के माध्यम से दिन और रात दोनों समय इमेजिंग करने में सक्षम होती है।
GalaxEye के अनुसार, दोनों तकनीकों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ने से उच्च गुणवत्ता वाली पृथ्वी इमेजिंग और डेटा विश्लेषण की क्षमता बढ़ सकती है। इससे आपदा प्रबंधन, कृषि, सीमा निगरानी, बुनियादी ढांचे की निगरानी और पर्यावरणीय बदलावों के आकलन जैसे क्षेत्रों में मदद मिलने की उम्मीद है।
भारत के स्पेस-टेक क्षेत्र के लिए अहम
कंपनी ने कहा कि अमेरिकी पेटेंट उसके अनुसंधान एवं विकास प्रयासों की अंतरराष्ट्रीय मान्यता है। इससे भविष्य में वैश्विक बाजार में तकनीक के व्यावसायीकरण और साझेदारी के अवसर बढ़ सकते हैं।
GalaxEye भारत के तेजी से उभरते निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की उन कंपनियों में शामिल है, जो उपग्रह और पृथ्वी अवलोकन तकनीकों पर काम कर रही हैं। कंपनी की तकनीक के सफल व्यावसायिक उपयोग से भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था और स्वदेशी स्पेस-टेक क्षमताओं को मजबूती मिल सकती है।
अमेरिकी पेटेंट को कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे भारतीय निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की तकनीकी क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उसकी बढ़ती भूमिका भी सामने आती है।





