ढाका। भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से बंद पड़ी सीमा पार यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। दोनों देशों के रेलवे अधिकारी मंगलवार से ढाका में होने वाली दो दिवसीय अंतर-सरकारी रेलवे बैठक (IGRM) में मैत्री, बंधन और मिताली एक्सप्रेस के संचालन को बहाल करने पर चर्चा करेंगे।
बैठक में मैत्री एक्सप्रेस, बंधन एक्सप्रेस और मिताली एक्सप्रेस को दोबारा चलाने का मुद्दा प्रमुख रहेगा। मैत्री एक्सप्रेस ढाका और कोलकाता के बीच, बंधन एक्सप्रेस कोलकाता और खुलना के बीच तथा मिताली एक्सप्रेस पहले ढाका और न्यू जलपाईगुड़ी के बीच संचालित होती थी। अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्षों में सहमति बनने पर इन सेवाओं को अगले महीने से शुरू किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए दोनों देशों के संबंधित मंत्रालयों से आवश्यक मंजूरी लेनी होगी।
2024 में हिंसा के बाद बंद हुईं सेवाएं
बांग्लादेश में जुलाई 2024 में हुए हिंसक राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों के बाद तीनों यात्री ट्रेन सेवाएं बंद कर दी गई थीं। मैत्री और बंधन एक्सप्रेस का संचालन पहले अस्थायी रूप से रोका गया था, लेकिन बाद में प्रतिबंध अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया। वहीं, मिताली एक्सप्रेस ने 17 जुलाई 2024 को ढाका के लिए अंतिम यात्रा की थी और इसके बाद सेवा बहाल नहीं हो सकी।
बैठक में बांग्लादेश की ओर से उत्तर-पश्चिमी शहर राजशाही को कोलकाता से जोड़ने वाली नई यात्री ट्रेन सेवा का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। इसके अलावा ढाका-कोलकाता मैत्री एक्सप्रेस को मौजूदा जमुना ब्रिज के बजाय नए बने पद्मा ब्रिज से चलाने का प्रस्ताव भी चर्चा में आने की संभावना है।
दोनों देशों के बीच मालगाड़ी सेवाएं फरवरी 2025 में दोबारा शुरू हो चुकी हैं, लेकिन यात्री सेवाएं अब तक बहाल नहीं हुई थीं। ऐसे में यात्री रेल संपर्क की बहाली को भारत-बांग्लादेश के बीच संपर्क और लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।




