नई दिल्ली। हैदराबाद स्थित रक्षा प्रौद्योगिकी स्टार्टअप एपोलियन डायनेमिक्स ने ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी के इलेक्ट्रिक इंटरसेप्टर ड्रोन आहुति एमके-2 ने 498 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया है। इस उपलब्धि को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी मान्यता मिली है।
कंपनी के अनुसार, आहुति एमके-2 भारत में रिकॉर्ड की गई सबसे तेज मल्टीरोटर यूएवी है। सार्वजनिक आंकड़ों के आधार पर इसे दक्षिण एशिया का भी सबसे तेज मल्टीरोटर यूएवी बताया गया है। यह ड्रोन खासतौर पर दुश्मन के ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन जैसे हवाई खतरों को तेजी से रोकने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
एक साल में 300 से 498 किमी/घंटा
आहुति एमके-2 मूल आहुति ड्रोन का उन्नत संस्करण है। मूल प्लेटफार्म ने वर्ष 2025 में करीब 300 किलोमीटर प्रति घंटे की गति हासिल की थी। इसके बाद कंपनी ने इसे हाई-स्पीड इंटरसेप्टर की भूमिका के लिए पूरी तरह से दोबारा डिजाइन किया। फ्रेम, प्रोपल्शन सिस्टम और मोटर कॉन्फिगरेशन में करीब 10 बार बदलाव किए गए। इसके परिणामस्वरूप एक साल से भी कम समय में इसकी अधिकतम गति बढ़कर 498 किमी/घंटा हो गई।
कंपनी के संस्थापक जयंत खत्री और सौर्य चौधरी के नेतृत्व में विकसित इस ड्रोन को अमन विरानी, मानस विचारे और ईशान सूरी की टीम ने तैयार किया है। एपोलियन डायनेमिक्स की स्थापना 2025 में हुई थी और यह भारतीय सशस्त्र बलों के लिए स्वायत्त हवाई एवं मानवरहित प्रणालियां विकसित करती है।
कंपनी का कहना है कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में आहुति एमके-2 जैसे हाई-स्पीड इंटरसेप्टर कम समय में आने वाले हवाई खतरों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ड्रोन का परीक्षण सैन्य फायरिंग और ऑपरेशनल रेंज में भी किया गया है।





