नैनीताल। जिले की खराब सड़कों और जगह-जगह बने गड्ढों को लेकर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने नाराजगी जताई है। शनिवार को भीमताल विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को सड़कों की स्थिति सुधारने के सख्त निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि नैनीताल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए प्रमुख पर्यटन स्थल है। ऐसे में सड़कों पर बने गड्ढे जिले की छवि को खराब कर रहे हैं। पर्यटकों को यदि खराब सड़कें दिखाई देंगी तो उनके बीच जिले को लेकर गलत संदेश जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम जनता, यात्रियों और पर्यटकों को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए सड़कों को जल्द गड्ढामुक्त किया जाए।
जिलाधिकारी ने ओखलकांडा के गौनियारों मोटर मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को दिए। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों की खराब सड़कों पर गुणवत्तापूर्ण डामरीकरण कराने को भी कहा गया।
सीएम पोर्टल की 817 शिकायतों पर फटकार
बैठक में सीएम पोर्टल पर लंबित जनशिकायतों को लेकर भी डीएम ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। जिले में कुल 817 शिकायतें लंबित पाई गईं। उन्होंने अधिकारियों को तय समयसीमा में शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए और लापरवाही पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी।
सबसे अधिक शिकायतें शहरी विकास विभाग की 197, पेयजल निगम की 137, जल संस्थान की 117, राजस्व विभाग की 77 और ऊर्जा विभाग की 53 लंबित हैं।
डीएम ने विकास कार्यों में बजट के उपयोग, सीएम घोषणाओं और 20 करोड़ रुपये से अधिक की निर्माणाधीन परियोजनाओं की भी समीक्षा की। पीएमजीएसवाई के ‘डी श्रेणी’ में रहने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए रैंकिंग में सुधार के निर्देश दिए।





