सह-अध्यक्ष वाईआर सदाशिव रेड्डी ने 15 दिन में पद छोड़ने को कहा, NALSAR विवाद के बाद बढ़ा दबाव
नई दिल्ली। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। BCI के सह-अध्यक्ष वाईआर सदाशिव रेड्डी ने मिश्रा से 15 दिन के भीतर अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की मांग की है। उन्होंने संगठन के कामकाज में कथित अनियमितताओं और हाल के विवादों को लेकर सवाल उठाए हैं।
मनन मिश्रा के खिलाफ यह मांग ऐसे समय उठी है, जब NALSAR विश्वविद्यालय के छात्रों से जुड़े विवाद को लेकर BCI की भूमिका पर कानूनी बिरादरी में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। BCI ने पहले NALSAR के 2026 बैच के कानून स्नातकों के नामांकन पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। बाद में व्यापक विरोध के बीच इस आदेश को वापस ले लिया गया।
NALSAR विवाद से बढ़ा दबाव
विवाद की शुरुआत तब हुई जब NALSAR के कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत के मुख्य न्यायाधीश को आमंत्रित किए जाने पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद BCI ने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई संबंधी निर्देश जारी किए। मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी हस्तक्षेप हुआ और छात्रों के शांतिपूर्ण एवं वैध विरोध के अधिकार पर जोर दिया गया।
विवाद बढ़ने के बाद मनन मिश्रा ने छात्रों से माफी मांगते हुए कहा था कि उनके शब्दों या पत्र से किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो उन्हें इसका खेद है। हालांकि, उनकी माफी के बावजूद बार के एक वर्ग में असंतोष बना हुआ है। बॉम्बे बार एसोसिएशन ने भी उनकी माफी को देर से उठाया गया कदम बताते हुए कहा कि उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था।
इस्तीफे से इनकार कर चुके हैं मिश्रा
इस बीच मनन मिश्रा ने इस्तीफे की मांग को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि BCI अध्यक्ष का पद उन्हें चुनावी प्रक्रिया के जरिए मिला है और वह देशभर के करीब 25 लाख वकीलों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है, जिसमें पद से हटाने, नए चुनाव कराने और अध्यक्ष के कार्यकाल से जुड़े नियमों में सुधार की मांग की गई है।
ऐसे में BCI के भीतर से उठी इस्तीफे की मांग ने विवाद को और गंभीर बना दिया है। अब नजर इस बात पर है कि संगठन के नेतृत्व और हालिया विवादों को लेकर आगे क्या कदम उठाया जाता है।





