सिंगापुर। भारत और सिंगापुर ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए दूरसंचार, प्रसारण, खाद्य सुरक्षा और समुद्री विरासत जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के बीच गुरुवार को दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) और एक आशय पत्र (एलओआइ) का आदान-प्रदान हुआ। यह समझौते चौथी भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक (ISMR) के दौरान हुबैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल हुए। दोनों देशों ने आर्थिक एवं रणनीतिक साझेदारी को नए क्षेत्रों तक ले जाने पर चर्चा की।
टेलीकॉम और प्रसारण में सहयोग
भारत और सिंगापुर ने दूरसंचार तथा प्रसारण क्षेत्र में नियामकीय सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों पक्ष इस क्षेत्र में अनुभव और बेहतर तौर-तरीकों को साझा करेंगे। इससे डिजिटल कनेक्टिविटी और उभरती संचार तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं मजबूत होंगी।
खाद्य सुरक्षा पर भी समझौता
खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में हुए समझौते के तहत दोनों देश खाद्य मानकों, सुरक्षा प्रक्रियाओं और सर्वोत्तम प्रथाओं से जुड़े अनुभव साझा करेंगे। इससे खाद्य व्यापार को सुगम बनाने और उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
समुद्री विरासत को मिलेगा बढ़ावा
दोनों देशों ने समुद्री विरासत के संरक्षण और उससे जुड़े सहयोग को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। भारत और सिंगापुर के ऐतिहासिक समुद्री संपर्कों को देखते हुए यह समझौता सांस्कृतिक एवं विरासत संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मंत्रिस्तरीय बैठक में दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, तकनीक और आर्थिक साझेदारी के नए अवसर तलाशने पर भी जोर दिया। भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में इन समझौतों को अहम कदम माना जा रहा है।





