पणजी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के गोवा दौरे से ठीक पहले पार्टी को बड़ा झटका लगा है। राज्य में 100 से अधिक बूथ लेवल एजेंट (BLA) और कार्यकर्ताओं ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत जमीनी संगठन को मजबूत करने में जुटी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस्तीफा देने वाले कई बूथ स्तर के पदाधिकारियों ने अपने निर्णय की सूचना मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी दी है। कुछ कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने के बजाय केवल BLA की जिम्मेदारी से हटने की बात कही है। उनका कहना है कि वे कांग्रेस के साथ बने हुए हैं, लेकिन पार्टी के मौजूदा कामकाज और संगठनात्मक व्यवस्था से निराश हैं।
नेतृत्व और संवाद को लेकर नाराजगी
वालपोई क्षेत्र के एक BLA एश्ले पिन्हो ने आरोप लगाया कि जमीनी कार्यकर्ताओं को पार्टी के महत्वपूर्ण फैसलों में विश्वास में नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि क्षेत्र में पार्टी का नेतृत्व कौन कर रहा है। कुछ कार्यकर्ताओं ने खरगे की बैठक के उद्देश्य और कार्यक्रम की जानकारी नहीं होने की भी शिकायत की।
प्रूडेंट मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, राज्यभर में कुल 108 बूथ लेवल एजेंटों के इस्तीफे की जानकारी सामने आई है। वालपोई विधानसभा क्षेत्र में भी कई BLA के पद छोड़ने की बात कही गई है। कार्यकर्ताओं ने संगठन में सम्मान और संवाद की कमी को लेकर असंतोष जताया है।
2027 चुनाव से पहले बढ़ी चुनौती
गोवा में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। ऐसे में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं का सामूहिक रूप से पद छोड़ना कांग्रेस के लिए संगठनात्मक चुनौती माना जा रहा है। बूथ नेटवर्क किसी भी चुनावी दल की जमीनी रणनीति का अहम हिस्सा होता है।
इस बीच, कांग्रेस की ओर से राज्य में संगठन को मजबूत करने की कोशिश जारी है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गिरीश चोडनकर ने भाजपा पर कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया है। अब खरगे के दौरे के दौरान पार्टी नेतृत्व इस नाराजगी को किस तरह दूर करता है और कार्यकर्ताओं में विश्वास कैसे बहाल करता है, इस पर सभी की नजर है।





