उत्तरांचल दीप हल्द्वानी। बारिश के मौसम में घरों से सटकर गुजर रही बिजली की लाइनों और विद्युत व्यवस्था की कथित लापरवाही ने बनभूलपुरा में एक परिवार की खुशियां छीन लीं। लाइन नंबर-16 निवासी 45 वर्षीय नदीम पुत्र फाइम और उनकी 12 वर्षीय बेटी अलीजबा की करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में मातम पसर गया, वहीं स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
बताया गया कि नदीम सोमवार देरशाम को घर की छत पर एसी का आउटडोर ठीक करने के लिए गए थे। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गए। नदीम के शोर मचाने पर उनकी 12 वर्षीय बेटी अलीजबा भी छत पर पहुंची और वह भी विद्युत प्रवाह की चपेट में आ गई। आसपास के लोगों ने दोनों को तत्काल डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के मुताबिक हादसे से पहले इलाके में बिजली की मेन लाइन में गड़बड़ी और करंट फैलने की शिकायत की गई थी, लेकिन कथित तौर पर समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के दौरान घरों से बेहद नजदीक लगे बिजली के खंभों और तारों के कारण खतरा लगातार बना हुआ है।
स्मार्ट मीटर लगाने के बाद सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय लोगों ने स्मार्ट मीटर लगाने के काम को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कई जगह कर्मचारी स्मार्ट मीटर लगाकर चले जा रहे हैं, लेकिन मीटर और घर की विद्युत वायरिंग के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की पर्याप्त जांच नहीं की जा रही। लोगों का आरोप है कि बिजली के खंभे घरों से सटे होने के कारण बारिश में करंट उतरने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, हादसे का वास्तविक कारण विद्युत विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया है। हादसे की जांच की जा रही है। पिता-पुत्री की एक साथ मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
शिकायत के बाद भी नहीं जागा विभाग?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मेन लाइन में गड़बड़ी और करंट फैलने की शिकायत पहले ही की गई थी। सवाल यह है कि यदि शिकायत समय पर दूर कर दी जाती तो क्या यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था?
बारिश में खंभे बन रहे खतरा
घरों से सटकर लगे बिजली के खंभे और तार बारिश में जानलेवा साबित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों ने विद्युत लाइनों की सुरक्षा जांच और खतरनाक पोलों को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है।
स्मार्ट मीटर पर भी उठे सवाल
धड़ल्ले से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के साथ विद्युत सुरक्षा की समुचित जांच की मांग उठी है। लोगों का कहना है कि मीटर लगाना ही पर्याप्त नहीं, घर तक पहुंचने वाली पूरी विद्युत लाइन की सुरक्षा भी सुनिश्चित होनी चाहिए।
जनप्रतिनिधियों ने जताया दुख
दर्दनाक हादसे पर विधायक सुमित हृदयेश, सपा प्रभारी हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी और पूर्व अल्पसंख्यक आयोग उपाध्यक्ष मजहर नवाब ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
दो मौतों ने छोड़े कई सवाल
एक ही घर के पिता-पुत्री की मौत से क्षेत्र में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि विद्युत व्यवस्था में पहले से खतरा था तो उसे दूर करने में देरी क्यों हुई? बारिश के मौसम में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अब विभाग क्या कदम उठाएगा?





