देहरादून, 12 अगस्त। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों के ड्यूटी के दौरान पहनावे को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। अस्पताल में अब डॉक्टर और स्टाफ जींस-टीशर्ट पहनकर ड्यूटी नहीं कर सकेंगे। संबंधित विभाग की ओर से जारी कार्यालय आदेश में फॉर्मल ड्रेस, एप्रन और पहचान पत्र (आईकार्ड) अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, ड्यूटी के दौरान कुछ डॉक्टरों और कर्मचारियों के जींस-टीशर्ट पहनकर आने की शिकायतें मिल रही थीं। इसे कार्यालय की निर्धारित मर्यादा और पेशेवर मानकों के अनुरूप नहीं माना गया। इसके बाद ड्रेस कोड का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
फॉर्मल ड्रेस और आईकार्ड जरूरी
आदेश के तहत डॉक्टरों और कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान फॉर्मल कपड़े पहनने के साथ एप्रन और आईकार्ड लगाना होगा। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि डॉक्टरों और कर्मचारियों की पहचान मरीजों और तीमारदारों के लिए स्पष्ट रहना जरूरी है। ड्रेस कोड का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
दून अस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विनम्र मित्तल के मुताबिक, प्राचार्य और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट स्तर से पहले भी ड्रेस कोड, एप्रन और आईकार्ड को लेकर कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं। अब इनका पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
डॉक्टरों की अलग-अलग राय
ड्रेस कोड को लेकर डॉक्टरों की राय भी अलग-अलग है। कुछ चिकित्सकों का मानना है कि ड्यूटी के दौरान फॉर्मल ड्रेस पहनने से पेशेवर पहचान और अस्पताल की कार्यसंस्कृति बेहतर होती है। वहीं, कुछ डॉक्टरों का कहना है कि एप्रन के साथ साधारण टी-शर्ट पहनने पर पूरी तरह रोक उचित नहीं है। हालांकि, भड़कीले और तड़क-भड़क वाले कपड़ों से बचने पर अधिकांश सहमत हैं।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ड्रेस कोड का उद्देश्य कर्मचारियों की पेशेवर छवि बनाए रखने के साथ मरीजों के बीच अनुशासन और व्यवस्था को मजबूत करना है।





