नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी को आंख के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति दे दी है। शीर्ष अदालत ने उन्हें सितंबर में तीन सप्ताह के लिए विदेश यात्रा की मंजूरी दी। इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने उनकी विदेश जाकर इलाज कराने की याचिका खारिज कर दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को विदेश जाने और अपनी चिकित्सा के लिए उपचार का विकल्प चुनने का अधिकार है। अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी व्यक्ति के चिकित्सा संबंधी निर्णय में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए।
अभिषेक बनर्जी ने आंख के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इससे पहले पांच अगस्त को कलकत्ता हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए उन्हें राज्य संचालित एसएसकेएम अस्पताल में मेडिकल बोर्ड के समक्ष जांच कराने को कहा था। हाई कोर्ट का कहना था कि विदेश में इलाज की जरूरत है या नहीं, यह तय करने के लिए चिकित्सकीय राय जरूरी है।
मामला अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चल रहे एक आपराधिक मामले से भी जुड़ा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर दर्ज मामले में हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत दी थी, लेकिन जांच में सहयोग करने और अदालत की अनुमति के बिना विदेश नहीं जाने की शर्त लगाई थी। उनकी अंतरिम सुरक्षा छह अक्टूबर तक बढ़ाई गई थी।
हाई कोर्ट के फैसले के बाद बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। शीर्ष अदालत ने अब विदेश जाकर आंख का इलाज कराने की अनुमति देकर उनकी चिकित्सा संबंधी अड़चन दूर कर दी है।





